FY26 CPI महंगाई का अनुमान 2.0% से बढ़ाकर 2.1% किया गया. Q4 FY26 CPI महंगाई का अनुमान 2.9% से बढ़ाकर 3.2% किया गया. Q1 FY27 CPI महंगाई 3.9% से बढ़ाकर 4.0% की गई. Q2 FY27 CPI महंगाई 4.0% से बढ़ाकर 4.2% की गई. मुख्य महंगाई (कीमती धातुओं को छोड़कर) के सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है. RBI अप्रैल MPC में पूरे FY27 के CPI अनुमान पेश करेगा.
RBI MPC Meeting 2026 LIVE : अभी गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की है, RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है. यह लगातार छठी बार है जब दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
रेपो रेट का गणित और आपका लोन
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंक RBI से कर्ज लेते हैं. जब यह दर स्थिर रहती है, तो आपके लोन की EMI भी स्थिर रहती है. यदि आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है, तो आपकी EMI में कोई बदलाव नहीं होगा.
जो लोग अब घर या कार खरीदने की सोच रहे हैं, उन्हें मौजूदा दरों पर ही लोन मिलेगा. फिलहाल ब्याज दरों में कटौती (Rate Cut) के लिए आपको अगली पॉलिसी (अप्रैल) का इंतजार करना होगा.
महंगाई (Inflation) पर अर्जुन जैसी नजर
गवर्नर ने कहा कि हालांकि महंगाई कम हो रही है, लेकिन खाने-पीने की चीजों जैसे कि अनाज और सब्जियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए वे अभी ढील नहीं दे सकते. RBI का लक्ष्य महंगाई को 4% के स्तर पर लाना है.
बाजार का हाल (आज सुबह का अपडेट)
सेंसेक्स (Sensex) आज सुबह करीब 500 अंक तक फिसलकर 83,313 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है. निफ्टी 50 (Nifty 50) में भी करीब 130-140 अंकों की गिरावट देखी गई है और यह 25,600 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे आ गया है.
क्यों गिर रहा बाजार
RBI पॉलिसी का इंतजार: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे नीतिगत दरों (Repo Rate) की घोषणा करेंगे. बाजार को उम्मीद है कि इस बार आरबीआई ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा (Status Quo) और रेपो रेट 5.25% पर ही टिका रहेगा. इस पॉज की संभावना और भविष्य के रुख (Guidance) को लेकर निवेशक थोड़े नर्वस हैं.
वैश्विक बाजारों में बिकवाली: अमेरिकी शेयर बाजारों (Wall Street) में कल रात भारी गिरावट आई थी, खासकर टेक शेयरों (Microsoft, Amazon) में बड़ी बिक्री हुई. इसका असर आज एशियाई बाजारों और भारतीय आईटी शेयरों पर साफ दिख रहा है.
मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले तीन सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी आई थी, जिसका मुख्य कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील की खबरें थीं. आज निवेशक उस बढ़त का लाभ उठाने के लिए शेयर बेच रहे हैं.
मल्होत्रा ने आगे कहा कि इंटरेस्ट रेट का असर अब 94 bps पर है. लिक्विडिटी के बारे में, गवर्नर ने कहा कि फरवरी में RBI द्वारा हालात सुधारने के लिए उठाए गए कदमों के बाद, सिस्टम में लिक्विडिटी अब लगभग 2 लाख करोड़ रुपये है. उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी 2026 में कमर्शियल पेपर (CP) और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) मार्केट में रेट्स सख्त हो गए थे.
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछली रेट कट का असर बैंक लोन रेट्स पर काफी हुआ है. उन्होंने बताया कि कुल 125 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कटौती के मुकाबले, शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों का वेटेड एवरेज लेंडिंग रेट (WALR) 105 bps कम हो गया है.
घरेलू वित्तीय स्थितियों पर, मल्होत्रा ने कहा कि सिस्टम लिक्विडिटी सरप्लस में बनी हुई है, जो पिछली MPC मीटिंग के बाद से औसतन लगभग 70,000 करोड़ रुपये है.
उन्होंने आगे कहा कि 30 जनवरी तक भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व $723.8 बिलियन था, जो उनके अनुसार लगभग 11 महीनों की जरूरतों को पूरा करता है. गवर्नर ने नेट आउटफ्लो का भी ज़िक्र किया, जो उनके अनुसार 5.8% बढ़ा है.
कैपिटल फ्लो के बारे में, मल्होत्रा ने कहा कि भारत ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के लिए एक आकर्षक FDI डेस्टिनेशन बना हुआ है, जो ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद लंबे समय के निवेश में निवेशकों की लगातार दिलचस्पी का संकेत देता है.
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ट्रेड डायवर्सिफिकेशन की कोशिशों की वजह से भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट साल-दर-साल 1.9% बढ़ा है - यह ऐसे समय में एक महत्वपूर्ण सहारा है जब ग्लोबल डिमांड अस्थिर बनी हुई है.
ग्रोथ के बारे में, गवर्नर ने कहा कि पिछले साल की तुलना में रियल GDP में 7.4% की ज्यादा बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
उन्होंने FY27 के लिए CPI महंगाई के अनुमान को भी रिवाइज किया, जिसमें Q1 में महंगाई 4.0% और Q2 में 4.2% रहने का अनुमान लगाया गया है.
RBI गवर्नर ने कहा कि सेंट्रल बैंक ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट को 5.50% पर और स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट को 5.00% पर अपरिवर्तित रखा है.
उन्होंने आगे कहा कि रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) ग्रोथ एक मजबूत सर्विस सेक्टर से होने की उम्मीद है, जिसमें रियल GVA के 7.3% तक बढ़ने का अनुमान है. गवर्नर ने सर्विस सेक्टर की मजबूती के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी में भी तेजी आने की बात कही और यह भी बताया कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ पॉजिटिव बनी हुई है.
आउटलुक पर, मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर रास्ते पर है और रियल GDP 7.4% की काफी ज्यादा ग्रोथ हासिल करने के लिए तैयार है.
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत को कुछ ही दिनों में GDP और महंगाई के लिए एक नई सीरीज मिलेगी, जो इस बात का संकेत है कि मुख्य मैक्रो इंडिकेटर्स को मापने और रिपोर्ट करने के तरीके में जल्द ही बदलाव होने वाला है.
अगर आप निवेशक हैं, तो 10 बजे के फैसले के बाद बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है. बैंक और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.
सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर का भाषण शुरू होगा. इसमें रेपो रेट का फैसला हो सकता है.










