विदेशी तिजोरियों से 64 टन सोना भारत में वापस लाया RBI, जानें कहां संभालकर रखा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई, व‍िदेशी त‍िजोर‍ियों में पड़े सोने को घर वापस ले आया है. आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस साल मार्च से सितंबर 2025 के बीच, RBI के पास कुल 880.8 टन सोना है, जिसमें 575.8 टन सोना अब भारत में रखा गया है.

rbi brings back gold

RBI brings gold to India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करीब छह महीने (मार्च से स‍ितंबर 2025) में व‍िदेश में पड़े सोने में से 64 टन सोने को घर वापस लेकर आया है. आरबीआई के इस कदम को भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूती देने वाला अहम कदम माना जा रहा है. खासकर ऐसे समय में जब दुन‍ियाभर में तनाव बढ़ रहा है और भू-राजनीतिक प्रतिशोध के लिए वित्तीय युद्ध के दौर में संप्रभु संपत्तियों को विदेश में रखने को लेकर वैश्विक संशय बढ़ा है.

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आरबीआई की र‍िपोर्ट के अनुसार सितंबर के अंत में रखे गए 880.8 टन सोने में से, RBI 575.8 टन सोना स्वदेश लाया, जबकि 290.3 टन सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के पास रखा गया. इसके अलावा, RBI के पास 14 टन सोना जमा के रूप में है.

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2 साल में कितना सोना वापस आया?

अगर प‍िछले दो साल की बात करें तो मार्च 2023 से लेकर अब तक RBI, विदेशों से कुल 274 टन सोना भारत में वापस ला चुका है.

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अब RBI के पास क‍ितना है सोने का भंडार?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जो आंकड़े द‍िए हैं, उसके अनुसार सितंबर 2025 तक, RBI के पास कुल 880.8 टन सोना है, ज‍िसका कुछ ह‍िस्‍सा अब भी व‍िदेशी त‍िजोर‍ियों में है. भारत में केवल 575.8 टन सोना रखा गया है. बाकी के लगभग 290.3 टन सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) जैसे विदेशी संस्थानों के पास है.

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व‍िदेशों से आया सोना कहां रखा गया?

व‍िदेश से आया सोना आरबीआई के पास सुरक्ष‍ित रखा जाता है. आरबीआई ने मुंबई और नागपुर में मौजूद गोल्‍ड वॉल्‍ट में इस सोने को सेफ रखा है.

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भारत अब धीरे-धीरे अपना सोना व‍िदेश से वापस ला रहा है. लेक‍िन समझने वाली बात ये है क‍ि ऐसा क्‍यों क‍िया जा रहा है?

1. जियोपॉलिटिकल टेंशन और टैरिफ वॉर जैसे माहौल के बीच यही बेहतर होगा क‍ि सोना अपनी ही जमीन पर रखा जाए. तभी वह सेफ रहेगा.

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2. अपने देश में ही अपना सोना रखने से एक सुरक्षा कवच बनता है, जो वैश्विक संकट या व्यापार प्रतिबंध की स्थिति में आर्थिक मजबूती देता है. यानी फाइनेंशियल ऑटोनॉमी के ल‍िए ये जरूरी है.

3. दूसरे देशों को देखकर यही सीख म‍िलती है क‍ि ज‍िस तरह से पश्‍च‍िमी देश प्रत‍िबंध लगा रहे हैं, उसमें सोने को अपने घर में रखने का फैसला जोख‍िम कम करने की तरफ अहम रणनीत‍ि है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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