भारत के अरबपति उद्यमी और थायरोकेयर के फाउंडर डॉ. ए वेलुमानी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक बड़ा सवाल उठाया था। उनका सवाल ओला के फाउंडर भाविष अग्रवाल और कॉमेडियन कुणाल कामरा के बीच हुई ऑनलाइन बहस के बाद ओला के शेयरों की कीमतों में आई भारी गिरावट को लेकर था। वेलुमानी ने लिखा कि क्या एक ट्वीट केवल 2 घंटे में 3500 करोड़ रुपये का नुकसान कर सकता है या फिर इसकी वजह कुछ और है?
भाविश और कुणाल के बीच क्या हुआ था?
शब्दों की इस ऑनलाइन जंग की शुरुआत कुणाल कामरा की ओर से ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर की एक तस्वीर पोस्ट किए जाने के साथ हुई थी। इस पोस्ट में कामरा ने ओला के स्कूटर्स की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या भारतीय कंज्यूमर को सही तरीके से ट्रीट किया जा रहा है। कामरा ने इस पोस्ट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी टैक किया था। इस पर ओला के फाउंडर ने पलटवार करते हुए कामरा पर पैसे लेकर ऐसी पोस्ट करने का आरोप लगा दिया था।
भाविष अग्रवाल यहीं नहीं रुके और कामरा के ‘फेल’ कॉमेडी करियर पर तंज कसते हुए इस समस्या को हल करने के लिए उन्हें जॉब तक ऑफर कर दी थी। दोनों के बीच हुआ यह विवाद जल्द ही वायरल हो गया और इसके कुछ समय बाद ही ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों के भाव नाटकीय तरीके से गिर गए। उल्लेखनीय है कि इसके बाद कंपनी के शेयरों में 6.18 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसकी वजह से कंपनी के मार्केट कैप में 3620 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।
हर्ष गोयनका ने दिया था अनोखा रिएक्शन
इस मामले में आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका भी आए। उन्होंने भाविष को टैग करते हुए लिखा कि अगर मुझे बहुत कम दूरी तय करनी हो। मेरा मतलब अगल मुझे एक ‘कमरा’ से दूसरे में जाना हो तो मैं अपनी ओला का इसेतमाल करूंगा। इसके साथ ही उन्होंने अपनी एक तस्वीर भी शेयर की थी जिसमें वह ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर पर बैठे थे। लेकिन, कुछ भी हो ए वेलुमानी की पोस्ट ने भारत की स्टार्टअप इंडस्ट्री और सोशल मीडिया कनेक्शन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।