हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

EPF New Rules: पीएफ में कम कटौती पड़ेगी भारी, रिटायरमेंट पर होगा 70 लाख का घाटा

EPF Scheme 2026 rules: नए ईपीएफ नियमों में 1800 रुपये या 9% पीएफ कंट्रीब्यूशन चुनने का मौका है, पर एक्सपर्ट्स ने 70 लाख रुपये तक के नुकसान की चेतावनी दी है.

विज्ञापन
EPF Scheme 2026: इन-हैंड सैलरी बढ़ाएं या ईपीएफ में 1,800 रुपये कटवाएं? जानें सही फैसला

अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो यह खबर सीधे आपकी जेब और आपके भविष्य से जुड़ी है. नई ईपीएफ स्कीम 2026 (EPF Scheme 2026) ने कर्मचारियों को एक बड़ी सहूलियत दी है. अब आप चाहें तो अपने पीएफ (PF) कॉन्ट्रिब्यूशन को कम करके हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी (Take-home Salary) को बढ़ा सकते हैं.

नए नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों के पास 12% योगदान, 9% योगदान या फिर सिर्फ 1,800 रुपये प्रति महीने का एक फ्लैट ऑप्शन चुनने की आजादी है. लेकिन रुकिए. ज्यादा सैलरी के लालच में कोई भी फैसला लेने से पहले एक्सपर्ट्स की इस गंभीर चेतावनी को जरूर समझ लीजिए, वरना रिटायरमेंट के समय आपको लाखों रुपये का बड़ा झटका लग सकता है.

RBI New Note Update: अब नहीं फटेंगे नोट, भारत में अगले साल आ सकती है प्लास्टिक करेंसी

विज्ञापन

क्या हैं तीन विकल्प और किसके लिए कौन सा बेहतर?

एयूएम वेल्थ के सीईओ और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर अमित सूरी के मुताबिक, कर्मचारियों को सिर्फ आज की सैलरी नहीं, बल्कि अपनी उम्र और भविष्य की जरूरतों को देखकर फैसला लेना चाहिए:

12% वाला डिफॉल्ट विकल्प (सबसे सुरक्षित): अगर आप खुद से रेगुलर निवेश नहीं कर पाते हैं, तो यह विकल्प आपके लिए सबसे बेस्ट है. इसमें सरकारी गारंटी के साथ तय ब्याज मिलता है और रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा फंड चुपचाप जमा होता रहता है.

विज्ञापन

Pure Petrol Rate: क्या 168 रुपये लीटर मिलेगा प्योर पेट्रोल? एथेनॉल विवाद पर नितिन गडकरी ने खोल दिया बड़ा राज

9% वाला विकल्प (EMI और जरूरी खर्चों के लिए): अगर आपके सिर पर होम लोन की ईएमआई (EMI) है, बच्चों की पढ़ाई का खर्च है या कोई इमरजेंसी फंड बनाना है, तो थोड़ी एक्स्ट्रा लिक्विडिटी के लिए आप इसे चुन सकते हैं.

विज्ञापन

1800 रुपये का फ्लैट विकल्प (सिर्फ समझदार निवेशकों के लिए): अगर आप मार्केट के जानकार हैं और पीएफ से बचने वाले पैसे को हर महीने बिना चूके म्यूचुअल फंड (SIP) या एनपीएस (NPS) जैसी जगहों पर निवेश कर सकते हैं, तभी इस विकल्प को चुनें.

एक छोटी सी कटौती और 70 लाख रुपये का नुकसान!
अमित सूरी ने कंपाउंडिंग (Compounding) की ताकत को एक बेहद आसान उदाहरण से समझाया है. मान लीजिए किसी कर्मचारी की ईपीएफ वाली सैलरी 50,000 रुपये महीना है और पीएफ पर 8% का सालाना रिटर्न मिलता है:

विज्ञापन

12% बनाम 9%: अगर आप 12% की जगह 9% का विकल्प चुनते हैं, तो हर महीने 1500 रुपये कम जमा होंगे. यह 1500 रुपये 30 साल में करीब 22 से 25 लाख रुपये का शॉर्टफॉल (नुकसान) पैदा कर देगा.

Medical College New Rules: अब कोई भी प्राइवेट कंपनी खोल सकेगी मेडिकल कॉलेज, NMC ने नियमों में किया बड़ा बदलाव; जानें छात्रों पर क्या होगा असर

विज्ञापन

1800 रुपये वाला झटका: अगर आप सीधे 1,800 रुपये वाला फ्लैट विकल्प चुन लेते हैं, तो आपकी मंथली सेविंग्स में 4,200 रुपये की कमी आएगी. 30 साल बाद जब आप रिटायर होंगे, तो आपके पीएफ फंड में 60 से 70 लाख रुपये की बड़ी कमी देखने को मिलेगी. चूंकि समय के साथ आपकी सैलरी भी बढ़ेगी, इसलिए यह नुकसान असल में 70 लाख रुपये से भी कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है.

क्या सच में बढ़ जाएगी आपकी टेक-होम सैलरी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पूरी तरह आपकी कंपनी के सैलरी स्ट्रक्चर यानी सीटीसी (CTC) मॉडल पर निर्भर करता है. कई बार पीएफ योगदान घटाने के बाद भी टैक्स और कंपनी की पॉलिसी के कारण इन-हैंड सैलरी में उतना फायदा नहीं दिखता जितना आप सोच रहे होते हैं. इसलिए कोई भी फॉर्म भरने से पहले अपनी कंपनी के एचआर (HR) या पेरोल डिपार्टमेंट से बात जरूर कर लें.

विज्ञापन

सबसे बड़ी चेतावनी: अक्सर देखा गया है कि जो लोग पीएफ कटवाना कम करते हैं, वे बचे हुए पैसे को निवेश करने के बजाय लाइफस्टाइल और फालतू के खर्चों में उड़ा देते हैं. अगर आपमें निवेश का अनुशासन (Discipline) नहीं है, तो पुराना 12% वाला नियम ही आपके बुढ़ापे का सबसे सच्चा सहारा है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola