8 रुपये प्रति लीटर तक महंगा होगा नंदिनी दूध, कर्नाटक कैबिनेट ने दाम बढ़ाने को दी मंजूरी
कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई कीमत में से 7 रुपये प्रति लीटर दूध उत्पादक किसानों को मिलेंगे, जबकि 1 रुपये प्रति लीटर दुग्ध सहकारी समितियों को दिया जाएगा.
बढ़ी हुई कीमत में से 7 रुपये प्रति लीटर दूध उत्पादक किसानों को मिलेंगे. (Photo: AI)
कर्नाटक में दूध खरीदने वाले लोगों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी. गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. बढ़ी हुई नई कीमतें 1 नवंबर से लागू होंगी. सरकार के मुताबिक, कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादक किसानों को आर्थिक राहत देना और दुग्ध सहकारी समितियों की मांगों को पूरा करना है. बढ़ी हुई कीमतों का ज्यादातर हिस्सा किसानों के हिस्से में आएगा.
विज्ञापन
कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई कीमत में से 7 रुपये प्रति लीटर दूध उत्पादक किसानों को मिलेंगे, जबकि 1 रुपये प्रति लीटर दुग्ध सहकारी समितियों को दिया जाएगा. इस तरह दूध की कीमत में कुल 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी होगी.
Bengaluru | Karnataka Minister Krishna Byre Gowda says, "Since petrol and diesel prices increased last January. Transport corporations have said that bus fares should be increased, so there was a discussion about a fare hike. For now, fares have not been increased." https://t.co/qOFSpRuLgU
कीमतों में बढ़ोतरी का असर नंदिनी के सामान्य टोंड दूध पर भी पड़ेगा. फिलहाल यह दूध 46 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकता है. नई दरें लागू होने के बाद इसकी कीमत बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. यानी ग्राहकों को अब एक लीटर दूध खरीदने के लिए पहले के मुकाबले 8 रुपये अधिक खर्च करने होंगे. नई कीमतें लागू होने के बाद घरेलू बजट पर भी इसका असर पड़ सकता है. खासकर उन परिवारों का खर्च बढ़ेगा, जो रोजाना अधिक मात्रा में दूध खरीदते हैं. हालांकि, सरकार ने इस फैसले को किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है.
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के अनुसार, राज्य में दूध उत्पादक किसान आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे थे. किसानों की समस्याओं को देखते हुए विधान परिषद में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने भी उन्हें राहत देने की मांग उठाई थी. इसके अलावा, दूध उत्पादकों ने कीमतों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किए थे. दुग्ध सहकारी समितियां भी लंबे समय से कीमतों में संशोधन की मांग कर रही थीं.
विज्ञापन
नहीं बढ़ेगा बस का किराया
कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा, ‘पिछले साल जनवरी में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद, ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने कहा है कि बस का किराया बढ़ाया जाना चाहिए, इसलिए किराया बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई थी. फिलहाल, किराया नहीं बढ़ाया गया है.’