Indian Economic Review: वित्त मंत्रालय की अक्टूबर की ‘मासिक आर्थिक समीक्षा’ के मुताबक चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 7.35 फीसदी का इजाफा होने का अनुमान है. इस वृद्धि के पीछे मजबूत घरेलू मांग, औद्योगिक विकास और बढ़ता उपभोग बड़े कारण रहे हैं. मंत्रालय के ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ का इस्तेमाल करके तैयार किया गया ये नया अनुमान, अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज 7.8 फीसदी की आर्थिक वृद्धि के बाद आया है. अपनी पिछली समीक्षा में मंत्रालय ने दूसरी तिमाही में तकरीबन 7.3 फीसदी के इजाफे का अनुमान लगाया था.
GST कलेक्शन-ऑटो बिक्री से मिला सपोर्ट
रिपोर्ट में कई इकॉनमिक इंडिकेटर्स में सुधार को रेखांकित किया गया है, जिनमें औद्योगिक उत्पादन, बिजली की खपत, बंदरगाहों पर आवाजाही, जीएसटी कलेक्शन और ऑटोमोबाइल की बिक्री शामिल हैं. जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल जीएसटी कलेक्शन में तकरीबन 15 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि इससे पिछले 3 महीनों में ये वृद्धि लगभग 8.4 फीसदी थी. वहीं घरेलू ऑटोमोबाइल बिक्री में सालाना आधार पर करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के उपभोक्ताओं की मांग को दिखाती है. मंत्रालय ने कहा कि ये इंडिकेटर्स बताते हैं कि दूसरी तिमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी रही.
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में सुधार
तिमाही के अंत में व्यावसायिक गतिविधियों में भी मजबूती आई जिसमें सितंबर के दौरान मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के प्रदर्शन में सुधार देखा गया. समीक्षा में बताया गया है कि ‘परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स’ में सुधार और बेहतर कारोबारी धारणा आने वाले महीनों के लिए एक सकारात्मक नजरिए की तरफ इशारा करते हैं.
ग्लोबल रिस्क अभी भी चिंता का विषय
वित्त वर्ष 27 के बाकी समय के लिए मंत्रालय को उम्मीद है कि घरेलू उपभोग, निवेश और संरचनात्मक सुधार आर्थिक विस्तार को समर्थन देंगे. क्रेडिट ग्रोथ और हाल ही में हुए व्यापार समझौतों से निवेश, निर्यात और उपभोक्ता खर्च को और मजबूती मिल सकती है. हालांकि रिपोर्ट में ये भी चेतावनी दी गई है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जियोपॉलिटिकल टेंशन, महंगाई का दबाव और गलोबल लेवल पर सख्त वित्तीय स्थितियां विकास की गति को प्रभावित कर सकती हैं.
7.1 फीसदी की वृद्धि का अनुमान
इन बाहरी चुनौतियों के बावजूद, मंत्रालय को उम्मीद है कि भारत चालू वित्त वर्ष के बाकी समय में भी अपनी विकास की गति को बनाए रखेगा. IMF ने फाइनेंशियल ईयर -2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7 फीसदी लगाया है. वहीं, वर्ल्ड बैंक, आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) और भारतीय रिजर्व बैंक ने 7.1 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया है.