देश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत काफी सुस्त रही है। 1 जून से 14 जून के बीच देशभर में औसत से करीब 28.4% कम बारिश दर्ज की गई है, जिसे मौसम विभाग (IMD) ने कमजोरी या कमी (Deficient) की श्रेणी में रखा है। मानसून की इस धीमी रफ्तार ने किसानों और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा कि कम बारिश का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ सकता है और इस साल उनकी कमाई पर दबाव रहेगा।
हालांकि, उन्होंने आम जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हमारे पास अनाज का पर्याप्त बफर स्टॉक (सुरक्षित भंडार) मौजूद है, जिसे हम पिछले साल से बनाए हुए हैं। इसलिए देश में अनाज की कोई किल्लत नहीं होगी। लेकिन किसानों के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में चल रहे तनाव के कारण उर्वरकों (Fertilizers) की सप्लाई में आ रही रुकावटों और उनकी बढ़ती कीमतों को लेकर भी चिंता जताई।
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आंकड़ों में समझिए मानसून का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 14 जून के बीच देश में केवल 40.2 मिलीमीटर (mm) बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 56.1 mm बारिश होनी चाहिए थी। पूरे जून महीने में सामान्य से कम (92% से कम) बारिश होने का अनुमान है। साल 2023 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून औसत से इतना नीचे रहने की आशंका है। IMD ने जून से सितंबर के पूरे सीजन के लिए अपने अनुमान को घटाकर 90% कर दिया है। यानी इस बात की 84% संभावना है कि इस साल देश में सूखा या बेहद कम बारिश देखने को मिले।
महाराष्ट्र और गुजरात में ज्यादा संकट, दिल्ली को करना होगा इंतजार
यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अक्षय देओरास के मुताबिक, जून के आखिर तक महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में बारिश की भारी कमी देखी जा सकती है। 20 जून के बाद मानसून के एक बार फिर रफ्तार पकड़ने (revive) के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद 25 जून तक दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी मानसून के लिए और इंतजार करना होगा। 25 जून तक दिल्ली में मानसून पहुंचने की उम्मीद बेहद कम है।
अभी कहां तक पहुंचा मानसून?
इस साल मानसून 1 जून की बजाय 4 दिन की देरी से यानी 5 जून को केरल पहुंचा था। अब तक यह केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों को कवर कर चुका है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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