अगर आपके पास कार या बाइक है और आप उसके टायर बदलने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक झटका देने वाली खबर है. आने वाले दिनों में गाड़ियों का रखरखाव और महंगा होने जा रहा है. देश की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज (JK Tyre & Industries) ने अपने टायरों के दाम बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है.
कंपनी का प्लान चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2026) में टायरों की कीमतों में 4 से 5 प्रतिशत तक की और बढ़ोतरी करने का है. अगर आप अपनी गाड़ी के टायर बदलवाने का मन बना रहे हैं, तो जानिये कि कंपनी यह कदम क्यों उठा रही है और इसका आपके बजट पर क्या असर पड़ेगा.
लगातार तीसरी बार बढ़ रहे हैं टायरों के दाम
जेके टायर के प्रबंध निदेशक (MD) अंशुमान सिंघानिया ने हाल ही में कंपनी के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद मीडिया को बताया कि कच्चे माल और ढुलाई (Freight) खर्चों में भारी बढ़ोतरी के कारण कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि इस वित्त वर्ष में यह लगातार तीसरी बार है जब जेके टायर अपनी दरें बढ़ा रहा है:
पहली तिमाही (Q1): कीमतों में 5% का इजाफा किया गया था.
दूसरी तिमाही (Q2): टायरों के दाम 7% तक बढ़ाए गए थे.
तीसरी तिमाही (Q3 – चालू): अब फिर से 4-5% तक बढ़ोतरी की तैयारी है.
आखिर क्यों महंगे हो रहे हैं टायर?
- कच्चे माल (Raw Materials) की भारी लागत:
चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में टायर बनाने वाले कच्चे माल की कुल लागत में करीब 30 प्रतिशत का बड़ा उछाल आ चुका है. तीसरी तिमाही में भी इस लागत में 4-5% की अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
- कंटेनर फ्रेट और सप्लाई चेन संकट:
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. इसके चलते समुद्र के जरिए माल भेजने का कंटेनर फ्रेट किराया अपने सामान्य स्तर से काफी ऊंचा बना हुआ है.
- कंपनी के मुनाफे में 71.5% की बड़ी गिरावट
कच्चे माल की बढ़ती लागत और महंगे फ्रेट का सीधा असर जेके टायर के वित्तीय नतीजों पर भी पड़ा है. जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) में कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा (Consolidated Profit) सालाना आधार पर 71.5% घटकर 65.11 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी का EBITDA मार्जिन 13.3% से गिरकर 7.1% पर आ गया है.
प्रीमियम और बड़े रिम वाले टायरों की मांग बढ़ी
मुनाफे में गिरावट और लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि बाजार में बड़े रिम आकार (Large Rim Size) वाले टायरों की मांग लगातार बढ़ रही है. नई गाड़ियों (Original Equipment – OEM) में भी और बाद में टायर बदलवाने (Replacement Market) वाले ग्राहकों के बीच भी बड़े और प्रीमियम टायरों का ट्रेंड तेजी से जोर पकड़ रहा है.