JIO IPO 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग में देश-विदेश के बड़े संस्थागत निवेशकों ने तकरीबन 2.5 लाख करोड़ रुपये की दिलचस्पी दिखाई है. इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने से पहले ही कंपनी के शेयरों की भारी डिमांड है. इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, दिलचस्पी दिखाने वालों में विदेशी इंवेस्टमेंट फंड, सॉवरेन वेल्थ फंड, भारत की बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियां और बड़ी बीमा कंपनियां शामिल हैं.
दिलचस्पी दिखाने वाले निवेशक कौन-कौन से हैं?
कई बड़े वित्तीय संस्थानों ने इस IPO में हिस्सेदारी पाने की इच्छा जताई है. इनमें लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), SBI म्यूचुअल फंड और HDFC म्यूचुअल फंड शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, फिडेलिटी इंवेस्टमेंट्स, कैपिटल ग्रुप और ब्लैकरॉक जैसी ग्लोबल इंवेस्टमेंट कंपनियों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है.
संभावित निवेशकों की लिस्ट में सिंगापुर का GIC, नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) और कतर इंवेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) जैसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड शामिल हैं. इसके अलावा, टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले इंटरनेशनल इंवेस्टर्स और बड़े ‘फैमिली ऑफिसों’ ने भी काफी दिलचस्पी दिखाई है. इससे पता चलता है कि कंपनी की मांग केवल पारंपरिक संस्थागत निवेशकों तक ही सीमित नहीं है.
जियो निवेशकों को क्यों कर रहा आकर्षित?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने कोर टेलीकॉम बिजनेस से आगे बढ़कर एक व्यापक डिजिटल सर्विस इकोसिस्टम तैयार किया है. इसके कामकाज में मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, मनोरंजन, क्लाउड सेवाएं और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस शामिल हैं. इस तरह के विविध कारोबार ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में कंपनी की स्थिति को मजबूत किया है. इससे ये उन संस्थानों के लिए निवेश का एक अहम विकल्प बन गई है, जो भारत के टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं.
मिलेगी अलग मार्केट वैल्यूएशन
IPO निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर खरीदने का मौका देगा, जहां यह एक स्वतंत्र रूप से लिस्टेड कंपनी होगी. फिलहाल ये रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक सब्सिडियरी के रूप में काम करती है. अलग से लिस्ट होने पर, बाजार जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन का आकलन उसकी मूल कंपनी (रिलायंस इंडस्ट्रीज) से अलग कर सकेगा. IPO आने से पहले ही निवेशकों की इतनी दिलचस्पी दिखना एक बड़ा संकेत है, हालांकि फाइनल अलॉटमेंट और सब्सक्रिप्शन के आंकड़े औपचारिक IPO प्रक्रिया के दौरान ही तय होंगे.