हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

Amazon के सुपरहिट होने के पीछे 3 अनोखे नियम, फाउंडर जेफ बेजोस के रूल मानने जरूरी

Jeff Bezos: व्यवसाय और प्रबंधन की दुनिया में सबसे प्रसिद्ध हस्तियों में से एक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने कई ऐसे नियम बनाए हैं जो शायद ही कोई और बनाता है। उनकी मीटिंग में एक कुर्सी हमेशा खाली रहती है। जानिए इसके पीछे की वजह क्या है?

विज्ञापन

Jeff Bezos: अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को उनकी सफलता के अलावा उनके अनोखे नियमों के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कंपनी की तरक्की के लिए कई नियम बनाए हैं। इसमें पहला है दो पिज्जा का नियम, दूसरा है एक खाली कुर्सी का नियम। इन नियमों का मकसद कार्यशैली को बेहतर बनाकर आगे बढ़ना है। वन एम्प्टी चेयर रूल ग्राहकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए रखा गया है। इसका मतलब है कि कंपनी जो भी फैसला लेती है उसमें ग्राहकों के हित का सबसे पहले सोचा जाता है।

वन एम्प्टी चेयर रूल

अमेजन ने अपने ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए अनोखे नियम बनाए हैं। इसमें वन एम्प्टी चेयर रूल का जिक्र होता है। जेफ बेजोस कोई भी मीटिंग करते हैं तो उसमें एक कुर्सी खाली रखी जाती है। भले ही इस कुर्सी पर बैठने वाला कोई ना हो लेकिन मीटिंग में लिए गए फैसले में उस कुर्सी की पूरी हिस्सेदारी रहती है। इस नियम का उद्देश्य है कि जो भी फैसला हो उसमें ग्राहकों का पूरा ध्यान रखा जाए। ये ग्राहक सबसे पहले के सिद्धांत को दर्शाता है।

ये भी पढ़े: एक हाउस वाइफ जो 800 करोड़ की कंपनी की CEO आज, MS धोनी भी इनके आगे जोड़ते हाथ

विज्ञापन

क्या है दो पिज्जा नियम?

अमेजन की तरक्की के लिए दो-पिज्जा टीम नियम भी रखा गया है। आमतौर पर देखा जाता है कोई भी मीटिंग हो उसमें पूरी टीम शामिल होती है। इसकी वजह से बहुत समय खर्च होता है। इसी समय को बचाने के लिए जेफ बेजोस ने दो-पिज्जा टीम नियम बनाया है। इस नियम के मुताबिक वो लोग मीटिंग में शामिल होते हैं जो जिनके हिस्से में उन दो पिज्जा में से पीस आता है।  इसमें 6 से 8 लोग ही शामिल हो पाते हैं। इसका फायदा ये होता है कि जितने कम लोग होते हैं मीटिंग के बाद फैसला लेने में उतनी आसानी होती है।

पावरपॉइंट पर पाबंदी

इसके अलावा, बेजोस ने बैठकों में पावरपॉइंट पर पाबंदी लगाई हुई है। मीटिंग में जिसको अपना आइडिया देना होता है वो नैरेटिव मेमो लिखकर लाता है। इसमें विस्तारपूर्वक अपनी बात को समझाया जाता है। ये 6 पेज तक के हो सकते हैं। पॉइंटर्स में आधी अधूरी बात ही समझ आ पाती है, इसके लिए नैरेटिव मेमो का नियम बनाया गया है। मीटिंग में कम लोग होते हैं जिससे सभी के पास अपनी बात कहने के लिए पर्याप्त समय होता है।

विज्ञापन

ये भी पढ़े: अडानी टोटल गैस लिमिटेड को मिला सबसे बड़ा ग्लोबल फाइनेंस, देश की 14% आबादी को करेगी कवर

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola