मार्केट अभी ऊंचे वैल्यूएशन पर हैं, तो क्या किसी को तुरंत एक डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड में एकमुश्त रकम लगानी चाहिए या एक रेगुलर मंथली सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) चुनना चाहिए?

अगर आप SIP को चुनते हैं तो इसमें भी ये सवाल है क‍ि क‍ितना और कैसे इंवेस्‍ट करें. यानी धीरे-धीरे हर महीने या साल में एक बार एक मुश्‍त. इसका आंसर, इसके र‍िटर्न से तय होगा. मान लीज‍िए क‍ि आप हर महीने 10 हजार रुपये का न‍िवेश करना चाहते हैं, यानी साल में ये 1.2 लाख. तो क्‍या ये ठीक रहेगा क‍ि आप धीरे-धीरे हर महीने के बजाय, एक साथ 1.2 लाख रुपये इंवेस्‍ट कर दें?

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : UP में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर, राज्‍य सरकार ने टाइटल-बेस्ड प्रॉपर्टी रजिस्ट्री को दी मंजूरी, जानें क्‍या है इसका मतलब

---विज्ञापन---

मैथमेटिक्स कहता है क‍ि एक साथ इन्वेस्ट करने में समझदारी होगी. क्योंकि पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंड होती है, जो अलग-अलग SIP इनफ्लो से ज्‍यादा होती है.

---विज्ञापन---

चल‍िए मान लेते हैं क‍ि सालभर के न‍िवेश पर आपको 10%, 12% या 15% का र‍िटर्न म‍िल रहा है.

---विज्ञापन---

तो 10% के ह‍िसाब से हर महीने 10 हजार का इंवेस्‍टमेंट 10 साल में 21.2 लाख रुपये का वैल्‍यू हो जाएगा. वहीं 12% का अगर र‍िटर्न देता है तो 23.9 लाख और 15% का र‍िटर्न म‍िलता है तो 28.8 लाख रुपये बन जाएंगे.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : नोएडा और पटना वाले ब‍िंंदास न‍िकले घूमने, घट गई है पेट्रोल-डीजल की कीमत

लेक‍िन वही अगर आप एक साथ 1.2 लाख रुपये SIP न‍िवेश करते हैं तो 10 साल बाद 10% के ह‍िसाब से र‍िटर्न 23 लाख रुपये होगा. वहीं 12% के ह‍िसाब से 26 लाख और 15% के ह‍िसाब से 31.5 लाख रुपये.

ये अंतर 15 साल, 20 साल और 25 साल में और भी ज्‍यादा है. यानी ये तो साफ है क‍ि एक मुश्‍त इन्‍वेस्‍टमेंट आपके कॉर्पस को ज्‍यादा बड़ा बनाएगा.