Income Tax New Rules for Tenants: अगर आप किराए के घर में रहते हैं तो ये खबर आपके ल‍िए है. महानगरों में महंगे फ्लैट्स का किराया 50000 के पार जाना अब आम बात है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयकर विभाग (Income Tax Department) के नियमों के अनुसार, अगर आप 50000 प्रति माह से ज्यादा किराया चुकाते हैं, तो टीडीएस (TDS) काटने की जिम्मेदारी आपकी यानी किराएदार की है.

इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 194-IB के तहत, कोई भी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), जो हर महीने 50000 रुपये या उससे ज्यादा किराया देता है, उसे मकान मालिक को पेमेंट करने से पहले टैक्स (TDS) काटना होगा.

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सरकार ने क्यों बनाया यह नियम?

अक्सर देखा गया है कि किराएदार भारी-भरकम HRA क्लेम करते हैं, लेकिन मकान मालिक उस किराए को अपनी कमाई में नहीं दिखाते. इसी मिसमैच को रोकने के लिए सरकार ने 2017 में यह नियम पेश किया था.

TDS की दरें और समय सीमा
बजट 2024 में सरकार ने राहत देते हुए TDS की दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया है. लेक‍िन अगर आपके मकान मालिक के पास पैन (PAN) कार्ड नहीं है, तो यह दर सीधे 20% हो जाएगी.

कब जमा करना है?
वित्त वर्ष के आखिरी महीने (मार्च) में या घर खाली करते समय TDS काटना होगा. मार्च 2026 में काटा गया TDS 30 अप्रैल 2026 तक सरकारी खजाने में जमा हो जाना चाहिए.

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लापरवाही पड़ेगी महंगी, जुर्माने की लिस्ट
अगर आप इस नियम का पालन नहीं करते हैं, तो नुकसान आपका ही होगा. क्‍योंक‍ि TDS रिटर्न फाइल न करने पर सेक्शन 271H के तहत 100,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा देरी होने पर 200 रुपये प्रतिदिन की लेट फीस देनी पड़ सकती है. टैक्स न काटने पर 1% प्रति माह और काटकर जमा न करने पर 1.5% प्रति माह का ब्याज देना होगा. यही नहीं, अगर आपने TDS नहीं काटा, तो पूरा बकाया टैक्स विभाग आपसे यानी किराएदार से वसूल करेगा.

किराएदार क्या करें?
मकान मालिक से उनका PAN कार्ड जरूर मांगें. अगर रेंट 50000 से ऊपर है, तो मकान मालिक को पूरे पैसे देने के बजाय TDS काटकर बाकी राशि ही ट्रांसफर करें और समय पर TDS जमा कर फॉर्म 16C जनरेट करें और मकान मालिक को दें.

नियम कड़े हैं, लेकिन इनका पालन करना आसान है. थोड़ी सी जागरूकता आपको भारी-भरकम जुर्माने और इनकम टैक्स विभाग के चक्कर काटने से बचा सकती है.