अगर आप पिछले दो-तीन दिनों से सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे थे और सोच रहे थे कि थोड़ा और इंतजार कर लें, तो यह खबर पढ़कर आपको थोड़ा पछतावा जरूर हो सकता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार (न्यूयॉर्क) से लेकर भारतीय सर्राफा बाजार और एमसीएक्स (MCX) तक, सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ तेजी दर्ज की जा रही है. महज 2 दिनों के भीतर एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोना ₹6,000 तक महंगा हो चुका है, जबकि चांदी के भाव में 10,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा का उछाल आ चुका है.
MCX पर आज का क्या है भाव?
एमसीएक्स (MCX) पर सुबह 10:50 बजे के करीब तेजी का यह रुख देखने को मिला. सोना करीब 1.76% की उछाल के साथ 1,45,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. वहीं 1.44% की तेजी के साथ चांदी का वायदा भाव 1,90,443 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. MCX पर भाव पल-पल बदलते रहते हैं. वहीं, लोकल सर्राफा बाजारों में दोपहर और शाम को तय होने वाले रेट्स में जीएसटी (GST), लोकल टैक्स और मेकिंग चार्ज जुड़ने के कारण अंतर होता है.
ऑल-टाइम हाई से अभी कितना सस्ता है सोना-चांदी?
भले ही पिछले दो दिनों में कीमतें तेजी से भागी हों, लेकिन अगर इस साल के उच्चतम स्तर (All-Time High) से तुलना करें तो आज भी सोना-चांदी काफी नीचे मिल रहे हैं. 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर था. आज की तारीख में यह अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 47,336 रुपये सस्ता है. चांदी का ऑल-टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो था. अपने उच्चतम स्तर से चांदी करीब 2,29,605 रुपये नीचे चल रही है.
ग्लोबल मार्केट का हाल: $4,100 के पार निकला सोना
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सर्राफा धातुओं का दबदबा कायम है. न्यूयॉर्क में स्पॉट गोल्ड 2.1% चढ़कर $4,146 प्रति औंस पर पहुंच गया है. पिछले सत्र में यह अगस्त के बाद की सबसे बड़ी बढ़त के साथ $4,000 के साइकोलॉजिकल लेवल के ऊपर निकला था. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1.7% बढ़कर $53.11 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है. बुधवार को इसमें करीब 5% की बढ़त हुई थी.
आखिर क्यों आई सोने-चांदी में अचानक यह तूफानी तेजी?
बाजार के जानकारों और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सोने में आई इस तेजी के पीछे 2 बड़े कारण हैं. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद डॉलर इंडेक्स और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई है. क्योंकि सोने पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए जब यील्ड और डॉलर कमजोर होते हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ भागते हैं. कमजोर डॉलर से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है.
दूसरी ओर ब्रेंट क्रूड टूटकर $100 प्रति बैरल से नीचे आ गया है. चुनाव में झटके के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले की संभावना को हल्का करके दिखाने से क्रूड ऑयल के दाम गिरे हैं, जिससे मार्केट में बड़ा करेक्शन देखा जा रहा है.