देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लग सकता है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ ही घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर भी 40 से 50 रुपये तक महंगा होने की उम्मीद है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. हाल ही में ग्लोबल टेंशन और सप्लाई में आई रुकावटों की वजह से कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. यही वजह है कि तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है और कीमतों में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है.

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क्यों बढ़ने वाली है कीमत?

खुदरा ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव ना होने की वजह से, तेल कंपनियां नुकसान झेल रही हैं, जिससे उनकी इनकम में कमी आई है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें सरकार पर फाइनेंशियल बोझ भी बढ़ा रही हैं, जिससे सब्सिडी या टैक्स कटौती के जरिए उपभोक्ताओं को राहत देने की उसकी गुंजाइश सीमित हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार पश्चिम एशिया में जारी हालात और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसके असर पर बारीकी से नजर रख रही है. हालांकि अभी तक कोई फाइनल फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अगले 5-7 दिनों के भीतर कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया जा सकता है.

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सोच-विचार कर रही है सरकार

सरकार इसपर विचार-विमर्श कर रही है और कई ऑप्शन का इवेल्युएशन किया जा रहा है, जिनमें बढ़ोतरी का समय और सीमा भी शामिल है. अधिकारियों ने कहा कि सरकार तेल कंपनियों पर फाइनेंशियल बोझ कम करने और ये सुनिश्चित करने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है कि किसी भी बढ़ोतरी महंगाई ज्यादा ना बढ़े और आम आदमी की जेब पर दबाव ना आए. वहीं दूसरी ओर, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ा इजाफा पहले ही किया जा चुका है. 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ा है.

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