Good News For Farmers: देश की कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए अच्छी खबर है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024-25 खरीफ सीजन में कृषि क्षेत्र के मुनाफे में वृद्धि की उम्मीद है। रिपोर्ट में इसका कारण बताते हुए कहा गया है कि मुख्य रूप से अधिक उत्पादन और कम इनपुट कॉस्ट के चलते खरीफ सीजन में किसान पहले के मुकाबले कुछ ज्यादा प्रॉफिट कमा पाएंगे।
बेहतर रहेगी प्रॉफिटेबिलिटी
रिपोर्ट में इस बात को भी दर्शाया गया है कि कुछ फसलों की घटती कीमतों (मुख्य खाद्यान्न और तिलहन की कीमतों में साल-दर-साल 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई है) ने उच्च उत्पादन से मिलने वाले लाभों को आंशिक रूप से कम कर दिया है। रिपोर्ट में देश के अलग-अलग हिस्सों के जिक्र करते हुए बताया गया है कि उत्तरी राज्यों में प्रॉफिटेबिलिटी दक्षिणी की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर होने की उम्मीद है। जबकि पूर्वी और पश्चिमी बेल्ट में मिलेजुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
यह भी पढ़ें – बाजार का नया आलू सेहत के लिए खतरनाक क्यों? पुराने की पहचान क्या
ये राज्य हैं सबसे आगे
यह रिपोर्ट खरीफ सीजन के दौरान फसल की स्थिति, पैदावार और फार्म प्रॉफिटेबिलिटी के बारे में जमीनी आकलन के लिए देशभर के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और किसानों के साथ बातचीत पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के उत्तरी क्षेत्र में साल-दर-साल अधिक फसल पैदावार देखी गई है, क्योंकि अधिक बारिश ने धान के उत्पादन को बढ़ावा दिया है। वहीं, दक्षिणी क्षेत्र और गुजरात मुख्य रूप से पिछड़े रहे क्योंकि भारी बारिश के कारण यहां आई बाढ़ ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। उत्तरी क्षेत्र के प्रमुख राज्यों में बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं।
इनमें कमी की आशंका
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, खाद्यान्न और तिलहन (जो कि वर्ष 2024 में कुल रकबे का 84 प्रतिशत से अधिक था) का कुल उत्पादन क्रमशः 6 प्रतिशत और 7 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, गन्ना और कपास जैसी अन्य प्रमुख फसलों के उत्पादन में क्रमशः 3% और 8% प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है।
इस चिंता को भी दर्शाया
रिपोर्ट के अनुसार, फसलों की कीमतों में गिरावट (मुख्य खाद्यान्न और तिलहन) ने उच्च उत्पादन के लाभों को आंशिक रूप से कम किया है। साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि नियंत्रित महंगाई दर आदि हाई बेस इफ़ेक्ट के कारण खरीफ सीजन के दौरान खेती की लागत में मामूली रूप से 1.3 प्रतिशत कमी आई है। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि खरीफ सीजन 2024-25 के लिए पैन इंडिया आधार पर कुल फार्म प्रॉफिटेबिलिटी कुछ अधिक रहेगी।
संबंधित खबरें
Dollar के मुकाबले रुपया 96.78 पर लुढ़का, RBI ने उठाए कड़े कदम
3 hrs agoआखिर क्यों अटकी है कर्मचारियों की 8वें वेतन आयोग की बढ़ी हुई सैलरी? जानें
4 hrs agoपति की मौत के बाद पत्नी को कितनी EPFO पेंशन मिलेगी? बच्चों के लिए नियम
5 hrs ago16 अक्टूबर से बैंकों को रोजाना 99% CRR रखना होगा, जानें आप पर असर
6 hrs agoसोना भागा, चांदी लुढ़की? खरीदने से पहले जान लें सोने चांदी का लेटेस्ट भाव
7 hrs agoयूपी में आज से बंटना शुरू होगा फ्री राशन, जानिए टाइमिंग और जरूरी नियम
11 hrs agoPF से पैसा निकालने से पहले जान लें नया नियम, जानिए कैसे बचेगा TDS
12 hrs agoCBDT ने बदला फॉर्म 161; जानें किसे मिलेगा फायदा और क्या हैं नए नियम
12 hrs agoदो दिन की गिरावट के बाद 1000 अंक चढ़ा सेंसेक्स, जानें तेजी के मुख्य कारण
1 day agoआज रात 9 बजे से बंद हो जाएंगे दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशन, देखें पूरी लिस्ट
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines