Elon Musk Salary: नौकरीपेशा लोगों को सैलरी की समस्या से अक्सर दो-चार होना पड़ता है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। टेस्ला के सीईओ मस्क की सैलरी पर एक बार फिर से अदालत का डंडा चल गया है। ऐसे में उन्हें अपने 56 अरब डॉलर के लिए लंबा इंतजार करना होगा और यह भी स्पष्ट नहीं है कि इतनी बड़ी रकम उन्हें मिलेगी ही।
दूसरी बार झटका
टेस्ला के शेयरधारक एलन मस्क के पक्ष में मतदान कर चुके हैं, यानी उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन अदालत ने मस्क के इस पे पैकेज (Pay Package) को फिर से खारिज कर दिया है। इससे पहले जनवरी में भी मस्क को अदालत से झटका लगा था। न्यायाधीश कैथलीन मैककॉर्मिक ने अपने पूर्व के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि है 2018 में Tesla के बोर्ड ने यह पैकेज एलन मस्क के प्रभाव में रहते हुए मंजूर किया था। जज का यह भी कहना है कि मस्क की प्रस्तावित सैलरी काफी अधिक है और यह कंपनी एवं शेयरहोल्डर्स के हित में नहीं है।
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यह है टेस्ला की व्यवस्था
एलन मस्क के लिए परेशानी तब खड़ी हुई जब टेस्ला के एक शेयरधारक ने अदालत में उनके 2018 के पैकेज को चुनौती दी। मस्क का 2018 का पैकेज इस पर आधारित था कि उन्हें सभी ऑप्शंस तब मिलेंगे जब टेस्ला के शेयर की कीमत बढ़ेगी और इसकी बिक्री एवं आय में जोरदार वृद्धि होगी। मस्क टेस्ला से सीधे तौर पर कोई सैलरी या बोनस नन्ही लेते हैं. उन्हें स्टॉक ऑप्शंस मिलते हैं, जिसे लेकर एक खाका तैयार किया गया था।
स्टॉक से जुड़ा है पैकेज
उस समय यह निर्धारित किया गया था कि 10 सालों की अवधि में टेस्ला के हर बार 12 टारगेट्स की सीरीज हिट करने पर मस्क को एक ऑप्शन मिलेगा. ये टारगेट्स टेस्ला के मार्केट कैप और राजस्व एवं EBITDA में इजाफे से संबंधित थे। टेस्ला इन सभी 12 टारगेट्स को हासिल करने में कामयाब रही। चूंकि का मस्क का पैकेज टेस्ला के स्टॉक की कीमत से जुड़ा है, इसलिए शेयरों के चढ़ने के साथ इसकी वैल्यू भी बढ़ती चली गई।
दलीलें नहीं आईं काम
टेस्ला के शेयरधारक रिचर्ड टॉरनेटा ने अदालत में इस पैकेज के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन्होंने दावा किया कि इस पैकेज को खुद मस्क ने तय किया और बोर्ड ने बिना किसी सवाल के मंजूर भी कर दिया। टॉरनेटा ने एलन मस्क पर अनुचित लाभ लेने का आरोप लगाया। साथ ही कोर्ट से पे पैकेज को रद्द करने की मांग की। टेस्ला और मस्क इस मुद्दे पर अपना बचाव करते आए हैं, लेकिन अदालत उनकी दलीलों से सहमत नहीं है।
बोर्ड पर उठाए सवाल
जस्टिस मैककॉर्मिक ने जनवरी में मस्क के पैकेज को खारिज करते हुए कंपनी के बोर्ड पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि टेस्ला द्वारा स्वतंत्र करार दिए गए कई मौजूदा बोर्ड निदेशकों, जिनमें जेम्स मर्डोक, चेयर रॉबिन डेनहोम और इरा एरेनप्रीस शामिल हैं, ने वेतन निर्णय में स्वतंत्रता नहीं दिखाई। न्यायाधीश ने यह भी पूछा था कि क्या मस्क के लिए वेतन आवश्यक था? क्योंकि टेस्ला की सफलता के साथ-साथ कंपनी में उनकी हिस्सेदारी के माध्यम से उनकी संपत्ति में भी वृद्धि हुई। इस दौरान उन्होंने मार्क जुकरबर्ग, जेफ बेजोस और बिल गेट्स का उदाहरण भी दिया।
अब आगे क्या?
एलन मस्क के पास इस निर्णय को चुनौती देने का अधिकार है। मस्क डेलावेयर कोर्ट की न्यायाधीश के फैसले से बेहद नाखुश हैं। उन्होंने फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी के फैसले को शेयरधारकों के वोटों से नियंत्रित किया जाना चाहिए, न कि जजों द्वारा। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि वो इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है।
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