Vehicle Number Plates: किसी भी वाहन को खरीदते समय उसके लिए एक नया नंबर अलॉट किया जाता है। कई बार लोग अपनी पसंद का नंबर लेना चाहते हैं, जिसके लिए वो एक्ट्रा पैसे देते हैं। ये नंबर जिस प्लेट पर लिखे होते हैं उनका कलर अलग अलग होता है। क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? आज आपको बताएंगे कि इन हरी, पीली, नीली प्लेटों के पीछे वजह क्या होती है? इनका रंग क्या कहता है?
नीली नंबर प्लेट का मतलब
गाड़ियों पर कई रंग की नंबर प्लेट लगी होती हैं, जो व्यक्तित्व को दर्शाती हैं। जैसे अगर कोई नीली नंबर प्लेट की गाड़ी में सफर कर रहा है तो इससे पता चलता है कि वो दूसरे देशों में रहने वाले राजनयिक (राजदूत) हैं। इन नंबर प्लेट पर 10 CC 50 जैसे नंबर लिखे होते हैं। इसमें CC का मतलब फुलफॉर्म कांसुलर कोर होता है। UN नंबर लिखी गाड़ियां यूनाइटेड नेशंस के कर्मचारियों की होती हैं।
काली नंबर प्लेट का मतलब
काले कलर की नंबर प्लेट वाली गाड़ियां कम दिखती हैं। लेकिन फिर भी ये कहीं पर दिख जाएं तो समझिए कि ये गाड़ियां कर्मशियल हैं, जोकि रेंटल होती हैं। इसमें खास बात ये है कि इनको चलाने के लिए कर्मशियल ड्राइविंग लाइसेंस नहीं चाहिए होता है। ये गाड़ियां गाड़ियां लग्जरी होटल ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
पीली नंबर प्लेट का मतलब
पीले रंग की नंबर प्लेट आमतौर पर देखने को मिल जाती है। ये रंग ऑटो रिक्शा, टैक्सी, ट्रक, बसों, जेसीबी को दिया जाता है। इनका प्रयोग व्यवसाय के लिए किया जाता है। इन गाड़ियों को चलाने के लिए ड्राइवर को वैध कर्मशियल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत पड़ती है।
हरी नंबर प्लेट का मतलब
पिछले कुछ सालों में हरे रंग की नंबर प्लेट देखने को मिली हैं। हरे रंग की प्लेट वाली गाड़ियां इलेक्ट्रिक होती हैं। देश में जो गाड़ी भी इलेक्ट्रिक होती है उसको सरकार की तरफ से ये हरे रंग की नंबर प्लेट दी जाती है। इसमें कर्मशियल गाड़ियां आती हैं, जबकि पर्सनल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की नंबर प्लेट सफेद भी हो सकती है।
लाल नंबर प्लेट का मतलब
कई नई गाड़ियों पर लाल रंग की नंबर प्लेट लगी दिखती है। इस कलर को ऐसी गाड़ियों के लिए जारी किया जाता है जो नई होती हैं, जिनको उनका परमानेंट नंबर नहीं दिया गया होता है। लाल रंग की प्लेट अस्थायी नंबर को दर्शाती है।