पिछले 5 साल में रेलवे का बजट
- साल 2021-22 में 2.15 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला. ये आवंटन कोविड के बाद सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए था.
- साल 2022-23 में 2.45 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला. ये आवंटन ट्रैक का दोहरीकरण और बिजलीकरण के लिए था.
- साल 2023-24 में 2.40 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला, जो वंदे भारत और अमृत भारत स्टेशन योजना के लिए था.
- साल 2024-25 (Revised) में 5.43 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला. ये आवंटन भारी पूंजीगत व्यय (Capex) और सुरक्षा के लिए दिया गया.
- साल 2025-26 (Budget Estimate) में 5.64 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला. ये आवंटन कवच (Safety) और नई ट्रेनों का निर्माण के लिए हुआ.
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बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
एक्सपर्ट्स और सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस साल (FY 2026-27) के लिए रेलवे को 2.75 लाख करोड़ रुपये से 3.00 लाख करोड़ रुपये के बीच केवल पूंजीगत व्यय मिल सकता है. कुल बजट आवंटन के 6 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने की संभावना है.
इस बार पैसा कहां खर्च होगा?
सुरक्षा पर खर्च : इस बार का सबसे बड़ा हिस्सा कवच (Kavach) एंटी-कोलिजन सिस्टम को पूरे देश में लागू करने के लिए आवंटित किया जा सकता है. हालिया रेल हादसों के बाद सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
नई वंदे भारत ट्रेनें: 400 से ज्यादा नई वंदे भारत और वंदे स्लीपर ट्रेनों के निर्माण के लिए भारी फंड मिल सकता है.
बुलेट ट्रेन (NHSRCL): मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के लिए विशेष फंड मिलने की उम्मीद है.
अमृत भारत स्टेशन: देश के 1300 से अधिक छोटे-बड़े स्टेशनों के रीडेवलपमेंट के अगले चरण के लिए पैसा आवंटित होगा.
1 फरवरी को आने वाले बजट में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार यात्री किराये में बिना बढ़ोतरी किए ‘कवच’ जैसे महंगे सुरक्षा सिस्टम को कितनी जल्दी पूरे देश में लगा पाती है.