जहां एक तरफ सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच खुदरा कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं, वहीं निजी क्षेत्र की दिग्गज फ्यूल रिटेलर नयारा एनर्जी (Nayara Energy) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी का सीधा फायदा कंपनी ने अपने ग्राहकों को ट्रांसफर करते हुए पेट्रोल के दाम ₹5 और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर घटा दिए हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने से कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई बहाल हो गई है, जिससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है और ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसी के बाद कीमतों में यह कटौती की गई है।
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बता दें कि ईरान में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ने के बाद, नायरा उन शुरुआती रिटेलर्स में से एक थी जिन्होंने ईंधन की कीमतें बढ़ाई थीं। 26 मार्च को, इसने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
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बुधवार को नायरा की ओर से की गई कटौती असल में मार्च में की गई बढ़ोतरी को वापस लेती है। यह इस बात का पहला संकेत है कि हाल के हफ्तों में ग्लोबल ऑयल मार्केट के स्थिर होने के बाद भारतीय ग्राहकों को ईंधन की कम कीमतें मिल रही हैं। देश भर में नयारा के 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई दरें लागू हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों में पंप पर असल कीमतें वहां लगने वाले लोकल टैक्स, जैसे कि वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT), के आधार पर अलग-अलग होती हैं।
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हालांकि, सरकारी क्षेत्र की ईंधन कंपनियों ने कीमतें नहीं बदलीं। सरकारी कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) - ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। ये कंपनियां मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों में से 90 प्रतिशत से ज्यादा का संचालन करती हैं।
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