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Bank Fraud Report: 6 साल में 2.32 लाख करोड़ का बैंक फ्रॉड! वित्त मंत्रालय ने संसद में पेश किए आंकड़े

Bank Fraud Cases FY 2021-2026: वित्त मंत्रालय ने संसद में पेश किए आंकड़े. 6 साल में 1 करोड़ से बड़े 5607 फ्रॉड मामले, 2.32 लाख करोड़ डूबे, रिकवरी हुई बेहद कम. पूरी खबर पढ़ें.

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Bank Fraud Data: 6 साल में 1 करोड़ रुपये से बड़े 5600 से ज्यादा बैंक फ्रॉड, देश को 2.32 लाख करोड़ का चूना! देखें संसद का आंकड़ा

डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के इस दौर में वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) के मामले लगातार देश की चिंता बढ़ा रहे हैं. वित्त मंत्रालय द्वारा हाल ही में संसद में पेश किए गए आंकड़ों ने देश के बैंकिंग सिस्टम और ग्राहकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

संसद में दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पिछले 6 सालों (वित्तीय वर्ष 2021 से 2026) के दौरान देश के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में 1 करोड़ रुपये से अधिक रकम वाले कुल 5607 बैंक फ्रॉड दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में ठगों ने कुल 2.32 लाख करोड़ रुपये की चपत लगाई है.

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2.32 लाख करोड़ का फ्रॉड, पर वसूली कितनी हुई?

संसद में पेश किए गए आंकड़ों का सबसे चौंकाने वाला पहलू धोखाधड़ी की राशि और उसकी रिकवरी (वसूली) के बीच का बहुत बड़ा अंतर है. वित्तीय वर्ष 2021 से 2026 के बीच 1 करोड़ रुपये से बड़े मामलों में 2.32 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी. इस पूरे 6 साल की अवधि में सिर्फ 6283.14 करोड़ की ही वसूली हो सकी है. यानी धोखाधड़ी की कुल राशि और रिकवरी के बीच करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये का भारी अंतर रह गया है, जो अभी तक वसूल नहीं किया जा सका है.

बैंकिंग सिस्टम और सुरक्षा पर सवाल
1 करोड़ रुपये या उससे अधिक रकम के इतने बड़े मामलों में रिकवरी का स्तर बेहद कम रहना बैंकिंग सिस्टम के जोखिम प्रबंधन (Risk Management) और रिकवरी मैकेनिज्म पर सवाल खड़े करता है.

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इनमें से अधिकांश बड़े फ्रॉड कॉर्पोरेट लोन डिफॉल्ट, फर्जी दस्तावेज (Fake Documentation) और बड़े स्तर पर की गई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े होते हैं, जिनकी जांच एजेंसियों (जैसे CBI, ED) द्वारा जांच की जा रही है.

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बैंकों में बड़े फ्रॉड के इन आंकड़ों से साफ है कि वित्तीय संस्थानों को अपने इंटरनल ऑडिट और लोन अप्रूवल प्रोसेस को और ज्यादा सख्त करने की जरूरत है. 2.25 लाख करोड़ रुपये की यह बकाया राशि न केवल बैंकिंग सेक्टर के एनपीए (NPA) और वित्तीय स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे को भी ठेस पहुंचाती है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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