दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और आपसी सहयोग का प्रतीक है. लेकिन समाज में ऐसे कई परिवार हैं, जिनके लिए आर्थिक परेशानियों के बीच त्योहार की तैयारी करना आसान नहीं होता. ऐसे ही परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से समाजसेवी पार्थ गौतम बरेली में ‘हर घर दिवाली’ अभियान चला रहे हैं. इस वर्ष इस पहल के माध्यम से 2,000 जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
अभियान के तहत पार्थ गौतम प्रतिदिन लगभग 80 परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं. इन मुलाकातों के दौरान वे परिवारों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझने और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं. अभियान में आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा से संबंधित मदद और स्वास्थ्य जांच जैसी जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
इस पहल का एक अहम पहलू इसका जमीनी स्तर पर संचालन है. परिवारों तक सीधे पहुंचकर उनसे संवाद करना अभियान की कार्यशैली का हिस्सा है. इसके जरिए जरूरतमंद लोगों की परिस्थितियों को समझने और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य दिवाली की खुशियों को केवल संपन्न परिवारों तक सीमित न रखते हुए उन लोगों तक भी पहुंचाना है, जिन्हें त्योहार के दौरान अतिरिक्त सहायता की जरूरत होती है.
त्योहारों के समय महंगाई और सीमित आय के कारण कई परिवारों के लिए घरेलू खर्चों के साथ दिवाली की तैयारियां करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. ऐसे में ‘हर घर दिवाली’ जैसी पहल सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का प्रयास करती है. आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों को महत्व देना इस अभियान को व्यापक सामाजिक सरोकारों से जोड़ता है.
समाजसेवी पार्थ गौतम का यह अभियान इस विचार पर आधारित है कि त्योहार की खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब समाज के जरूरतमंद वर्गों को भी उसमें शामिल होने का अवसर मिले. इस वर्ष 2,000 परिवारों तक पहुँचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही यह पहल बरेली में घर-घर तक सहयोग और खुशियां पहुंचाने का प्रयास कर रही है. हर घर दिवाली’ अभियान के तहत 2,000 परिवारों तक प्रभावी सहायता पहुंचाकर उनके जीवन में खुशियाँ और रोशनी लाने का संकल्प है.