बारिश के मौसम में कार के मैट के नीचे अखबार क्यों बिछाते हैं? जानें क्या होता है फायदा

क्या आप जानते हैं बारिश में लोग आपनी कार के अंदर अखबार क्यों बिछाते हैं. चलिए यहां जानते हैं ऐसा करने से क्या फायदा होता है.

newspaper under car mat

बारिश में कार के मैट के नीचे क्यों बिछा दें अखबार. (Image Credit-AI)

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मानसून में कार चलाते समय बारिश का पानी जूतों और कपड़ो के साथ केबिन के अंदर आ जाता है. कई बार यह पानी मैट के किनारे से नीचे पहुंचकर कार के असली कारपेट और मेटल फ्लोर तक चला जाता है. मैट के नीचे कंंसी नमी आसान से सूख नहीं पाती, जिससे कार में सीलन की बदबू, फफूंद और फर्श में जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में मैट के नीचे सूखा अखबार बिछाने का आसान देसी तरीका कुछ हद तक काम आ सकता है.

बारिश का पानी कार के फ्लोर तक कैसे पहुंचता है?

बारिश के दिनों में कार में बैठते समय जूतों और कपड़ो के साथ पानी भी अंदर आ जाता है. यह पानी कई बार रबर या फैब्रिक मैट के किनारों से नीचे चला जाता है. मैट के नीचे जगह बंद होने की वजह से वहां फंसी नमी जल्दी बाहर नहीं निकल पाती. अगर पानी लंबे समय तक जमा रहे तो कार के मेटल फ्लेर में जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है.

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अखबार नमी सोखने में कैसे मदद करता है?

अखबार में लकड़ी के पल्स से बने सेलुलोज फाइबर होते हैं. ये फाइबर नमी को अपने अंदर खींच सकते हैं. इसी वजह से मैच के नचे रखा सूखा अखबार पानी और नमी का कुछ हिस्सा सोखने में मदद कर सकता है. बारिश में जूतों से आया पानी अगर मैट क नीचे पहुंच जाता है तो अखबार उसकी कुछ नमी सोख सकता है.

मैट के नीचे जमा पानी से मिलेगी राहत

कार के फ्लोर मैट के नीचे की जगह काफी बंद होती है और यहां हवा आसानी से नहीं पहुंचती. इसलिए नमी जल्दी सूख नहीं पाती. लगातार गीलापन रहने पर बदबू और फफूंद जैसी समस्या हो सकती है. मैच के नीचे अखबार रखने से एक एक्स्ट्रा लेयर बनती है जो कुछ नमी सोखकर मैट और फ्लोर के बीच जमा पानी को कम करने में मदद कर सकती है.

सीलन और बदबू हो होगी कम

बारिश के मौसम में कार के अंदर गीली मिट्टी या सीलन जैसी बदबू आने लगती है. इसकी एक वजह मैट के नीचे फंसी नमी भी हो सकती है. अगर पानी लंबे समय तक जमा रहे तो बदबू और फफूंद की समस्या बढ़ सकती है. यहां अखबार एक्स्ट्रा नमी को सोखने में मदद करता है. जिससे फ्लोर कुछ हद तक सूखा रह सकता है और सीलन की बदबू कम हो सकती है.

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कितने अखबार रखने चाहिए?

इस तरीको को आजमाने के लिए कार के हर मैट के नीचे करीब 3-4 सूखे अखबार की शीट रखी जा सकती हैं. इन्हें मैट के आकार के हिसाब से सीधा और सपाट रखना बेहतर है. अगर अखबार पूरी तरह गीली हो जाए तो उसे तुरंत निकालकर बदल दें. ज्यादा बारिश होने पर पेपर को समय-समय पर चेक करते रहें.

ड्राइवर साइड पर रखें खास सावधानी

ड्राइवर साइड पर अखबार रखते समय सबसे ज्यादा सावधानी जरूरी है. पेपर का कोई भी हिस्सा पैडल के पास नहीं आना चाहिए. अगर अखबार पैडल में फंस गया तो ड्राइविंग के दौरान परेशानी हो सकती है. इसलिए इसे हमेशा मैट के नीचे अच्छी तरह सपाट करके रखें.

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मैट के नीचे अखबार रखना कम खर्च वाला आसान तरीका है, लेकिन इसे कार की पूरी देखभाल का ऑप्शन नहीं मानना चाहिए. अगर कार के प्लोर में लगातार पानी जमा हो रहा है तो इसकी वजह की जांच करवाना जरूरी है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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