Honda Zero SUV Cancelled: जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी Honda को लेकर इलेक्ट्रिक कार बाजार में बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने जिस Zero सीरीज इलेक्ट्रिक कारों को बड़े प्लान के साथ पेश किया था, अब उसी को लेकर बड़ा फैसला ले लिया है. Honda ने अपनी Zero सीरीज की SUV और सेडान के प्रोडक्शन को ही कैंसिल कर दिया है. यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि इन कारों का प्रोडक्शन जल्द शुरू होने वाला था और भारत में भी इन्हें लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी.
Honda का नया प्रोडक्ट लाने का इंतजार
पिछले कुछ सालों से Honda भारतीय बाजार में कोई बिल्कुल नया प्रोडक्ट नहीं लाई है. कंपनी ने ज्यादातर मौजूदा कारों के फेसलिफ्ट या नई जनरेशन मॉडल ही लॉन्च किए हैं. हालांकि पिछले साल कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक कारों की योजना को दुनिया के सामने पेश किया था, जिससे उम्मीद जगी थी कि आने वाले समय में Honda कई नए इलेक्ट्रिक मॉडल बाजार में उतारेगी.
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Zero सीरीज की कारों का प्रोडक्शन कैंसिल
अब कंपनी ने अपनी Zero सीरीज की इलेक्ट्रिक SUV और सेडान को लेकर बड़ा फैसला लिया है. Honda ने इन दोनों मॉडल्स के प्रोडक्शन को फिलहाल कैंसिल कर दिया है. यह वही कारें थीं जिनका कॉन्सेप्ट मॉडल कंपनी पहले ही दिखा चुकी थी और जिन्हें लेकर बाजार में काफी चर्चा भी हो रही थी.
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इस साल शुरू होना था प्रोडक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कारों का प्रोडक्शन अगले कुछ महीनों में शुरू होने वाला था. Honda अपनी ग्लोबल EV रणनीति को फिर से तैयार कर रही है और इसी वजह से यह फैसला लिया गया है. बताया जा रहा है कि कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति भी इस फैसले की एक बड़ी वजह है. पहले प्लान के मुताबिक Honda Zero सीरीज SUV को 2026 में भारत में लॉन्च किया जाना था, लेकिन उससे पहले इसे नॉर्थ अमेरिका में पेश करने की योजना थी.
भारत में इंपोर्ट करके लाने का प्लान भी खत्म
Honda इन इलेक्ट्रिक कारों को भारत में पूरी तरह इंपोर्ट करके लाने वाली थी. लेकिन अब कंपनी ने इस प्लान को भी रद्द कर दिया है. हालांकि Zero सीरीज की छोटी SUV, जिसे Zero Alpha कहा जा रहा है, उस पर अभी भी काम जारी है. कंपनी ने साफ किया है कि इस मॉडल को कैंसिल नहीं किया गया है और इसे भारत में तैयार किया जा सकता है.
अमेरिका की पॉलिसी का पड़ा असर
Honda ने बताया कि अमेरिका में हाल ही में हुए कुछ पॉलिसी बदलावों का असर उनके बिजनेस पर पड़ा है. ट्रंप प्रशासन ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग और खरीद पर मिलने वाले इंसेंटिव को वापस ले लिया है. यानी अब कंपनियों और ग्राहकों को पहले जैसी सरकारी मदद नहीं मिलेगी. इससे EV प्रोजेक्ट्स की लागत और जोखिम दोनों बढ़ गए हैं.
गैसोलीन और हाइब्रिड गाड़ियों को लेकर फैसले
इसके अलावा अमेरिका में गैसोलीन और हाइब्रिड गाड़ियों को लेकर लिए गए कुछ फैसलों का भी असर ऑटो कंपनियों पर पड़ा है. Honda का कहना है कि मौजूदा माहौल में EV की मांग उम्मीद के मुताबिक तेजी से नहीं बढ़ रही है. ऐसे में इन नए मॉडल्स का प्रोडक्शन शुरू करना कंपनी के लिए नुकसान का सौदा साबित हो सकता था.
चीनी कंपनियों से बढ़ता मुकाबला
इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार में चीनी कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. खासकर सॉफ्टवेयर आधारित फीचर्स और नई टेक्नोलॉजी के मामले में उन्होंने काफी बढ़त बना ली है. इससे पारंपरिक ऑटो कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है और Honda भी इससे अछूती नहीं है.
भारत में फिलहाल तीन कारें ही
अगर भारत में Honda के मौजूदा पोर्टफोलियो की बात करें तो कंपनी इस समय सिर्फ तीन कारें बेच रही है. इनमें Honda Amaze, Honda Elevate और Honda City शामिल हैं. City का पेट्रोल और हाइब्रिड दोनों वर्जन बाजार में उपलब्ध है. आने वाले समय में कंपनी का फोकस भारत के लिए नए मॉडल्स और इलेक्ट्रिक कारों की रणनीति पर रहेगा.
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