कार लोन EMI क्या होती है? गाड़ी खरीदने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी बातें, फिर चुनें बेहतर ऑप्शन

कार लोन लेकर कार खरीदना आसान जरूर है, लेकिन EMI का सही गणित समझना बहुत जरूरी है. जानिए कार लोन कैसे मिलता है, EMI कैसे तय होती है और लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

buying a new car

कार लोन लेने से पहले समझ लें EMI का गणित. (AI Generated Image)

Car Loan EMI: आज के समय में कार खरीदना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. ज्यादातर लोग पूरी रकम एक साथ देने के बजाय कार लोन का ऑप्शन चुनते हैं और हर महीने EMI के जरिए भुगतान करते हैं. हालांकि कई लोग बिना पूरी जानकारी के लोन ले लेते हैं और बाद में EMI का बोझ महसूस करने लगते हैं. इसलिए कार लोन लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि लोन कैसे मिलता है, EMI क्या होती है और यह कैसे तय की जाती है. अगर इन बातों की जानकारी पहले से हो तो कार खरीदने का फैसला ज्यादा समझदारी भरा हो सकता है.

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कार लोन कैसे मिलता है?

कार लोन लेने के लिए सबसे पहले किसी बैंक या फाइनेंस कंपनी में आवेदन करना पड़ता है. आवेदन के समय पहचान पत्र, पता प्रमाण, आय से जुड़े दस्तावेज जैसे सैलरी स्लिप या बैंक स्टेटमेंट देना होता है. बैंक इन दस्तावेजों के आधार पर आपकी आय, नौकरी की स्थिरता और क्रेडिट स्कोर की जांच करता है. अगर सब कुछ सही पाया जाता है तो बैंक लोन मंजूर कर देता है. आमतौर पर बैंक कार की कीमत का बड़ा हिस्सा लोन के रूप में देते हैं और बाकी रकम ग्राहक को डाउन पेमेंट के तौर पर देनी होती है.

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EMI क्या होती है?

EMI का पूरा नाम Equated Monthly Installment है. यह वह निश्चित राशि होती है जिसे लोन लेने वाला व्यक्ति हर महीने बैंक को चुकाता है. EMI में दो हिस्से शामिल होते हैं मूलधन यानी वह रकम जो आपने उधार ली है और दूसरा ब्याज, जो बैंक उस रकम पर लेता है. लोन की शुरुआत में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है, जबकि समय के साथ-साथ मूलधन का हिस्सा बढ़ने लगता है.

EMI कैसे तय होती है?

EMI की गणना मुख्य रूप से तीन चीजों पर निर्भर करती है लोन की कुल राशि, बैंक की ब्याज दर और लोन चुकाने की अवधि यानी टेन्योर. इन तीनों को ध्यान में रखते हुए बैंक एक गणितीय फॉर्मूले के जरिए EMI तय करता है. हालांकि अब ज्यादातर बैंक अपनी वेबसाइट पर EMI कैलकुलेटर भी देते हैं. इसमें आप लोन राशि, ब्याज दर और अवधि डालते ही यह पता लगा सकते हैं कि हर महीने आपको कितनी EMI देनी होगी.

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कार लोन लेते समय क्या ध्यान रखें

कार लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर करनी चाहिए. साथ ही यह भी देखना जरूरी है कि आपकी मासिक आय के हिसाब से EMI कितनी सुविधाजनक रहेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि EMI इतनी ही होनी चाहिए जिससे आपकी महीने की आमदनी पर ज्यादा दबाव न पड़े और बाकी खर्च भी आराम से पूरे हो सकें.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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