आज की नई कारें सिर्फ सड़क पर चलने वाली मशीनें नहीं रह गई हैं, बल्कि इंटरनेट और सॉफ्टवेयर से जुड़ी स्मार्ट डिवाइस भी बन चुकी हैं. ऐसे में साइबर हमलों और हैकिंग का खतरा भी बढ़ रहा है. इसी चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार स्मार्ट और कनेक्टेड वाहनों की सुरक्षा के लिए नए साइबर सुरक्षा नियम लाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए सरकार ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है और लोगों से सुझाव व आपत्तियां भी मांगी हैं.
स्मार्ट वाहनों के लिए नए साइबर सुरक्षा नियम
सरकार ने स्मार्ट और कनेक्टेड वाहनों को हैकिंग, मैलवेयर और दूसरे साइबर हमलों से सुरक्षित बनाने के लिए नए नियमों का मसौदा तैयार किया है. इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इंटरनेट से जुड़े वाहन साइबर खतरों का आसानी से सामना कर सकें और उनमें सुरक्षा के बेहतर इंतजाम हों.
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वाहन कंपनियों के लिए CSMS लागू करना होगा जरूरी
ड्राफ्ट के मुताबिक, वाहन निर्माताओं के लिए Cyber Security Management System (CSMS) लागू करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. इसके तहत कंपनियों को अपने वाहनों की साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की पहचान करनी होगी और उन्हें रोकने के लिए जरूरी सिस्टम तैयार करना होगा.
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सुरक्षित सॉफ्टवेयर अपडेट पर भी रहेगा जोर
सरकार ने Software Update Management System (SUMS) लागू करने का भी प्रस्ताव रखा है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Over-the-Air (OTA) यानी इंटरनेट के जरिए भेजे जाने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट पूरी तरह सुरक्षित हों और उनके जरिए किसी तरह का साइबर खतरा पैदा न हो.
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CMVR में जोड़े जाएंगे नए नियम
ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 में दो नए प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव है. इसके तहत Rule 125-T और Rule 125-U शामिल किए जाएंगे, जिनके जरिए साइबर सुरक्षा और सुरक्षित सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़े नियम लागू किए जाएंगे.
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AIS-189 और AIS-190 मानकों को लागू करने की तैयारी
सरकार साइबर सुरक्षा के लिए AIS-189 और सुरक्षित सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए AIS-190 मानकों को लागू करने की तैयारी कर रही है. इन मानकों का पालन करने के बाद वाहन कंपनियों को अपने सिस्टम को तय सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार करना होगा.
2029 तक लागू होंगे नियम
सरकार का प्रस्ताव है कि इन नियमों को एक साथ लागू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए. योजना के मुताबिक, साल 2029 तक सभी ऐसे वाहनों को इन नियमों के दायरे में लाया जाएगा, जिनमें OTA सॉफ्टवेयर अपडेट की सुविधा मौजूद है.
17 जुलाई तक मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को सार्वजनिक करते हुए लोगों, वाहन कंपनियों और संबंधित पक्षों से 17 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. इन सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों के अंतिम स्वरूप पर फैसला लिया जाएगा.
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