कार का माइलेज बढ़ाना है तो इन बातों का रखें ध्यान, AC से लेकर टायर प्रेशर तक जानें क्या है सही तरीका

कार का माइलेज कम होने से परेशान हैं तो सिर्फ एसी बंद करना काफी नहीं है. यहां जानिए किन बातों का ध्यान रखकर गाड़ी के माइलेज को बढ़ाया जा सकता है.

car mileage tips

कार कम पेट्रोल खाएगी! माइलेज बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके. (Image Credit-AI)

विज्ञापन

पेट्रोल डीजल की कीमतों के बीच हर कार मालिक चाहता है कि उसकी गाड़ी कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करे. माइलेज बेहतर रखने के लिए लोग कई तरह के तरीके अपनानेत हैं, जैसे एसी बंद रखना, टायर से ज्यादा हवा भरना या हर समय Eco Mode पर गाड़ी चलाना. लेकिन इनमें से हर तरीका सही हो ये जरूरी नहीं है. कार की फ्यूल एफिशिएंसी पर ड्राइविंग स्टाइल से लेकर टायर प्रेशर और AC के इस्तेमाल तक कई चीजों का असर पड़ता है. ऐसे में माइलेज बढ़ाने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

AC चलाने से कितना बदलता है माइलेज?

कार का एसी इंजन या बैटरी से ऊर्जा लेता है, इसलिए इसका इस्तेमाल ईंधन की खपत को प्रभावित कर सकता है. खासकर गर्म मौसम में लगातार AC चलाने से फ्यूल कंजम्पशन बढ़ सकता है. हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि माइलेज बचाने के लिए हमेशा एसी बंद करके गाड़ी चलाएं. इसलिए AC को जरूरत के हिसाब से चलाना बेहतर है और तापमान को बहुत कम रखने से बचना चाहिए.

विज्ञापन

क्या टायर प्रेशर का भी माइलेज पर पड़ता है असर?

टायर में हवा कम होने पर सड़क के साथ उसका संपर्क और रोलिंग रेसिस्टेंस बढ़ जाता है. इससे इंजन को कार चलान के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है और फ्यूल की खबत बढ़ सकती है. इसलिए टायर में वही प्रेशर रखें जो कार बनाने वाली कंपनी ने तय किया है. यह जानकारी आमतौर पर कार के Door Frame, Fuel Lid के पास या Owner’s Manual में मिल जाती ह.

क्या Driving Mode से भी पड़ता है असर?

आजकल कई कारों में अलग अलग मोड दिए जाते हैं. जैसे Eco, Normal और Sport. ये मोड थ्रोटल सिस्पॉन्स और गियर शिफ्टिंग के तरीके को बदल सकते हैं. कुछ कारों में एसी और दूसरे सिस्टम के काम करने के तरीके पर भी इनका असर पड़ता है. सामान्य सड़क और रोज की ड्राइविंग Eco Mode इस्तेमाल करने से बेहतर माइलेज पाने में मदद मिल सकती है.

विज्ञापन

इन बातों का रखें ध्यान

तेज एक्सेलरेशन से बचें

माइलेज बेहतर रखने में ड्राइविंग स्टाइल की बड़ी भूमिका होती है. बार-बार तेजी से एक्सेलरेट करने और अचानक ब्रेक लगाने से फ्यूल की खपत बढ़ सकती है. कोशिश करें कि कार को स्मूद तरीके से और जहां संभव हो, स्थिर स्पीड पर चलाएं. 

कार को बेवजह चालू न रखें

अगर कार लंबे समय तक खड़ी है और चलाने की जरूरत नहीं है, तो इंजन को बेवजह चालू रखने से बचें. इसके अलावा कार में जरूरत से ज्यादा सामान रखने से भई वजन बढ़ता है, जिसका असर फ्यूल एफिशिएंसी पर पड़ सकता है.

विज्ञापन

समय पर सर्विस भी जरूरी

कार की नियमित सर्विस माइलेज को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है. इंजन, टायर और दूसरी जरूरी हिस्सों के सही स्थिति में होना फ्यूल एफिशिएंसी के लिए जरूरी है. इन छोटी-छोटी आदतों से कार की माइलेज को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ