कहीं आपकी कार में तो नहीं डला गलत इंजन ऑयल? ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत हो जाएं सावधान

इंजन ऑयल सिर्फ इंजन को लुब्रिकेट करने का काम नहीं करता बल्कि उसकी गर्मी और घर्षण को भी कंट्रोल करता है. ऐसे में गलत इंजन ऑयल आपके कार के लिए परेशानी बन सकता है. यहां जानिए गलत इंजन ऑयल से इंजन में होने वाली गड़बड़ी पर क्या संकेत मिलते हैं.

engine oil.jpg

ये 5 संकेत दिखें तो समझ लें इंजन खतरे में है. (Image Credit-AI)

कार खरीदने के बाद उसकी सर्विसिंग और मेंटेनेंस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. खासकर इंजन ऑयल को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है. समय पर तेल बदलान जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है कि आपकी कार में कंपनी की सलाह के मुताबिक सही ग्रेड और सही विक्कोसिटी वाला इंजन ऑयल ही डाला जाए. कई बार लोग सिर्फ ये देखकर तेल खरीद लेते हैं कि वह महंगा या किसी अच्छे ब्रांड का है लेकिन गलत ऑयल इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे में अगर आपकी कार में ये संकेत नजर आ रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है.

विज्ञापन

ओनर मैनुअल से अलग है ऑयल का ग्रेड

हर कार के इंजन के लिए कंपन एक खास ग्रेड और विक्कोसिटी वाले इंजन ऑयल की सलाह देती है. इसकी जानकारी कार के ओनर मैनुअल में दी जाती है. अगर आपने ऐसा तेल डलवाया है जिसका ग्रेड या विस्कोसिटी कंपनी की बताई सीमा से अलग है तो यह सही ऑप्शन नहीं है. सिर्फ तेल का ब्रांड देखकर फैसला करने के बजाय उसकी स्पेसिफिकेशन जरूर मिलाएं.

विज्ञापन

अचानक कम हो गया है माइलेज

अगर आपकी कार पहले की तुलना में अचानकर कम माइलेज देने लगी है और पेट्रोल पंप के चक्कर बढ़ गए हैं, तो इंजन ऑयल भी इसकी एक वजह हो सकता है. गलत तेज इंजन के अंदरूनी पार्ट को चलने में ज्यादा मेहनत करवाता है. इससे इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है.

साइलेंसर से निकल रहा है धुआं

साइलेंसर से नील या काला धुआं निकलना सामान्य बात नहीं है. गलत विस्कोसिटी वाला तेल इंजन के उन हिस्सों तक पहुंच सकता है जहां उसे नहीं जाना चाहिए. अगर तेज कंबशन चैंबर में पहुंचक ईंधन के साथ जलने लगे, तो एक्सीलेरेशन के दौरान धुआं दिखाई दे सकता है. ऐसे में कार की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है.

विज्ञापन

बार-बार कम हो रहा है इंजन ऑयल

अगर दो सर्विस के बीच इंजन ऑयल का लेवल तेजी से कम हो रहा है और बार-बार टॉपअप की जरूरत पड़ रही है तो इसे नजर अंदाज न करें. गलत ग्रेड का तेल इंजन की ज्यादा गर्मी को ठीक से सहन नहीं कर पाता. ज्यादा तापमान में तेल तेजी से खत्म हो सकता है, जिससे इंजन में गंदगी जमा होने और नुकसान का खतरा बढ़ जाता है.

विज्ञापन

इंजन बार-बार हो रहा है ओवरहीट

डैशबोर्ड पर ऑयल वार्निंग या इंजन टेंपरेचर की लाइट जलना गंभीर संकेत है. बहुत पतला या बहुत गाढ़ा इंज ऑयरल गर्मी को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाता. इसके कारण इंजन का टेंपरेटर बढ़ सकता है और उसके पार्ट्स पर दबाव पड़ सकता है.अगर कार ओवरहीट हो रही है, तो उसे चलाते रहने के बजाय सुरक्षित जगह पर रोककर तुरंत जांच करवाएं.

सही तेल चुनना क्यों जरूरी है

इंजन ऑयल काम सिर्फ इंजन को चिकनाई देना नहीं है. यह इंजन के अंदर चलने वाले पार्टस के बीच घर्षण और गर्मी को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. इसलिए अगली बार ऑयल बदलवाते समय सिर्फ कीमत या ब्रांड न देंखें. 

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ