Car Fire: चलते-चलते कार में क्यों लग जाती है आग? ये होतीं हैं बड़ी वजह, जानें बचाव के तरीके

चलती कार में अचानक आग लगने की खबरें अक्सर सामने आती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे क्या वजह होती है? जानिए कार में आग लगने के सबसे आम कारण, शुरुआती संकेत और ऐसे आसान उपाय जो बड़े हादसे से बचा सकते हैं. 

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Car Fire Reason: कार में आग लगने की घटनाएं पहले के मुकाबले कम होती हैं, लेकिन जब भी ऐसा होता है नुकसान बड़ा होता है. 2 दिन पहले कथावाचक अभिनव अरोड़ा की कार में आग लग गई और वो जल गई. ऐसे में कई बार लोग इसे सिर्फ हादसा मान लेते हैं, जबकि ज्यादातर मामलों में इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण होते हैं. जिन्हें समय रहते पहचाना जा सकता है.जानते हैं क्या हो सकती है वो वजहें जो इस तरह के हादसों का कारण होती हैं.

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शॉर्ट सर्किट और वायरिंग में खराबी

कारों में काफी ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और वायरिंग होती है. अगर किसी वजह से तार कट जाए, ढीला हो जाए या उसकी इंसुलेशन खराब हो जाए, तो स्पार्किंग शुरू हो सकती है. कई बार यही स्पार्क फ्यूज बॉक्स या दूसरी जगह आग लगने की वजह बन जाता है. इसलिए वायरिंग में किसी भी तरह की खराबी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

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बाहर से लगवाई गई एक्सेसरीज भी बन सकती हैं वजह

कई बार लोग कार में म्यूजिक सिस्टम, एंबियंट लाइट, एक्स्ट्रा हॉर्न या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज बाहर से लगवाते हैं. अगर इन्हें सही तरीके से फिट नहीं किया गया तो वायरिंग में छेड़छाड़ की गई हो, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है. खासकर सस्ते पार्ट्स की वजह से भी इस तरह की समस्या खड़ी हो सकती है.

फ्यूल या इंजन ऑयल का रिसाव

पेट्रोल, डीजल और इंजन ऑयल जैसे चीजें आसानी से आग पकड़ सकती हैं. किसी वजह से अगर फ्यूल पाइप या ऑयल लाइन में लीकेज हो जाए और यह तरल पदार्थ गर्म इंजन या एग्जॉस्ट पर गिर जाए, तो कुछ ही सेंकड्स में आग भड़क सकती है. इस तरह के लीकेज को तत्काल ठीक करना जरूरी है.

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सस्ती या गलत तरीके से लगाई गई CNG किट

अगर कार में सीएमजी किट लगवानी है तो हमेशा अधिकृत और भरोसेमंद सेंटर क ही चुनाव करें. सस्ती या अवैध किट में फिटिंग की गड़बड़ी से गैस लीक हो सकती है और ऐसी स्थिति में हादसे का खतरा रहता है.

इंजन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना

कार इंजन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना अच्छा संकेत नहीं है. जब कार रेडिएटर में कूलेंट कम हो जाए या कूलिंग फैन सही से काम न करे, तो इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है. लगातार ओवरहीटिंग की वजह से इंजन ऑयल या दूसरे ल्क्विड बाहर निकल सकते हैं. इससे आग लगने का खतरा बढ़ सकता है.

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कार के अंदर ज्वलनशील सामान रखना खतरनाक

गर्मियों में बंद कार के अंदर का तापमान काफी ज्यादा हो जाता है. ऐसे में परफ्यूम स्प्रे, सैनिटाइजर, गैस लाइटर या पेट्रोल से भरे केन जैसे ज्वलनशील चीजें कार में छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है. इससे भी आग लगने का खतरा रहा है.

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चूहे भी बढ़ा सकते हैं खतरा

कई बार चूहे इंजन के अंदर घुसकर वायरिंंग को कुतर देते हैं. इससे तारों सेफ्टी लेयर हट जाती है और शॉर्ट सर्किट होने की संभावना बढ़ जाती है.

आग लगने से पहले मिल सकते हैं ये संकेत

अगर कार के अंदर जलने, प्लास्टिक पिघलने या तेज धुएं जैसी बदबू आने लगे, तो इसे नजरअंदाज न कें. ऐसी स्थिति में तत्काल सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें, इंजन बंद करें और कारण की जांच करें. समय रहते कार्रवाई करने से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है.

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इन बातों का रखें खास ध्यान

कार की नियमित सर्विस करते रहें. वायरिंग, फ्यूल लाइन और इंजन की समय-सम पर जांच करवाते रहें. साथ ही सुरक्षा के लिए कार में हमेश एक पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर रखें, जो इमरजेंसी में काम आ सके.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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