गर्मियों में कार का इंजन ओवरहीट हो तो भूलकर भी न करें ये गलती, लग सकता है लाखों का चूना

गर्मी में कार का इंजन अचानक ओवरहीट होना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. कई बार लोग छोटी गलती की वजह से इंजन सीज तक करवा बैठते हैं. अगर ड्राइविंग के दौरान बोनट से भाप निकलने लगे या तापमान तेजी से बढ़े, तो तुरंत क्या करना चाहिए? जानिए इंजन को सुरक्षित रखने के आसान लेकिन बेहद जरूरी टिप्स.

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गर्मियों में इंजन ओवरहीट हो तो ये रखें सावधानी.

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गर्मियों के मौसम में कार चलाना जितना मुश्किल हो जाता है, उतना ही जरूरी इंजन का ध्यान रखना भी हो जाता है. तेज धूप, लंबे ट्रैफिक जाम और लगातार ड्राइविंग की वजह से कार का इंजन जल्दी गर्म होने लगता है. कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इंजन ओवरहीट होना छोटी समस्या नहीं है. अगर समय रहते सही कदम न उठाए जाएं तो इंजन को भारी नुकसान हो सकता है और हजारों रुपये का खर्च भी आ सकता है. इसलिए हर कार ड्राइवर को यह पता होना चाहिए कि इंजन गर्म होने पर क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

ओवरहीटिंग के संकेत मिलते ही कार रोक दें

अगर ड्राइविंग के दौरान Temperature Gauge तेजी से ऊपर जाने लगे या बोनट से धुआं या भाप निकलती दिखाई दे, तो तुरंत कार को सुरक्षित जगह पर रोक देना चाहिए. ओवरहीट इंजन के साथ लगातार गाड़ी चलाने से इंजन सीज होने जैसी बड़ी समस्या हो सकती है. बेहतर होगा कि कुछ देर के लिए इंजन बंद कर उसे ठंडा होने दिया जाए.

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गर्म इंजन में तुरंत रेडिएटर कैप न खोलें

कई लोग इंजन गर्म होते ही तुरंत रेडिएटर कैप खोलने की गलती कर बैठते हैं. ऐसा करना खतरनाक हो सकता है क्योंकि गर्म इंजन में कूलेंट और भाप का प्रेशर बहुत ज्यादा होता है. कैप खोलते ही गर्म पानी बाहर आ सकता है और चोट लग सकती है. इसलिए हमेशा इंजन ठंडा होने के बाद ही रेडिएटर या कूलेंट टैंक चेक करें.

लंबी यात्रा से पहले कूलेंट जरूर जांचें

कार में कूलेंट की कमी भी ओवरहीटिंग की बड़ी वजह मानी जाती है. इसलिए हमेशा सही मात्रा में कूलेंट होना जरूरी है. सिर्फ साधारण पानी डालने की बजाय कंपनी द्वारा रिकमेंडेड कूलेंट इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है क्योंकि यह इंजन को ज्यादा असरदार तरीके से ठंडा रखने में मदद करता है. लंबी ड्राइव पर निकलने से पहले कूलेंट लेवल जरूर चेक कर लेना चाहिए.

इंजन गर्म हो तो कुछ देर AC बंद कर दें

गर्मी के मौसम में लगातार AC चलाने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. अगर कार का इंजन ज्यादा गर्म होने लगे तो कुछ समय के लिए AC बंद करके सिर्फ ब्लोअर चलाना फायदेमंद हो सकता है. इससे इंजन पर लोड कम होता है और तापमान धीरे धीरे नीचे आने लगता है.

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रेडिएटर और कूलिंग सिस्टम की सर्विसिंग जरूरी

रेडिएटर फैन खराब होने या कूलिंग सिस्टम में ब्लॉकेज होने की वजह से भी इंजन जल्दी गर्म हो सकता है. अगर फैन सही से काम नहीं कर रहा है तो इंजन को पर्याप्त कूलिंग नहीं मिलती. इसलिए समय समय पर कार की सर्विसिंग करवाना और कूलिंग सिस्टम की जांच कराना बेहद जरूरी है.

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सही इंजन ऑयल इस्तेमाल करना भी जरूरी

इंजन ऑयल सिर्फ मशीन के पार्ट्स को स्मूद चलाने का काम नहीं करता बल्कि इंजन को ठंडा रखने में भी मदद करता है. अगर ऑयल कम हो या खराब क्वालिटी का हो तो इंजन जल्दी गर्म हो सकता है. इसलिए हमेशा सही ग्रेड का इंजन ऑयल इस्तेमाल करें और तय समय पर ऑयल बदलवाते रहें.

धूप में कार पार्क करने से बचें

तेज धूप में लंबे समय तक खड़ी रहने वाली कार जल्दी गर्म हो जाती है. इसका असर सिर्फ केबिन पर नहीं बल्कि इंजन बे पर भी पड़ता है. कोशिश करें कि कार को हमेशा छांव में पार्क करें. अगर छांव न मिले तो सनशेड का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा. इससे कार का तापमान काफी हद तक कंट्रोल में रहता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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