दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन वाहन मालिकों को मिलेगा जो अपनी पुरानी BS-III या BS-IV गाड़ियों की जगह नई BS6 या इलेक्ट्रिक बस-ट्रक खरीदेंगे. सरकार सिर्फ पुराने वाहनों को हटाने की बात नहीं कर रही, बल्कि नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों पर टैक्स छूट, सब्सिडी और अन्य आर्थिक लाभ भी देने जा रही है. ऐसे में यह योजना वाहन मालिकों के लिए खर्च कम करने और बेहतर विकल्प चुनने का मौका बन सकती है.

दिल्ली-NCR में पुराने वाहनों को हटाने की तैयारी

केंद्रीय कैबिनेट ने 9,585 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाना है. इस योजना में केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि टैक्स लाभ और अन्य रियायतों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारें सहयोग करेंगी. योजना के तहत करीब 1.91 लाख पुराने ट्रक और 16,329 बसों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है.

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BS-III और BS-IV वाहनों के लिए क्या नियम होंगे?

सरकार के अनुसार BS-III या उससे पुराने ट्रकों और बसों को स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा. वहीं BS-IV वाहनों के मालिकों के पास दो विकल्प होंगे. वे चाहें तो वाहन को स्क्रैप करा सकते हैं या फिर उसे NCR से बाहर ऐसे शहरों में बेच सकते हैं जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के दायरे में नहीं आते. इसके बाद उन्हें नई BS-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदकर NCR में रजिस्टर करानी होगी.

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BS6 और EV खरीदने पर मिलेगा डबल फायदा

नई योजना का सबसे बड़ा आकर्षण आर्थिक लाभ है. यदि कोई वाहन मालिक पुरानी बस या ट्रक हटाकर BS6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है तो उसे केंद्र और राज्य सरकार दोनों तरफ से फायदा मिल सकता है. दिल्ली सरकार पहले ही इलेक्ट्रिक ट्रक और बस खरीदने पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की घोषणा कर चुकी है. इसके अलावा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट का प्रावधान है. अब केंद्र सरकार की योजना से लोन पर ब्याज राहत और वाहन कीमत में अतिरिक्त छूट मिलने की संभावना भी बढ़ गई है.

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दिल्ली की नई EV पॉलिसी से भी मिलेगा लाभ

दिल्ली सरकार की प्रस्तावित EV पॉलिसी 2.0 में इलेक्ट्रिक ट्रक और बस खरीदने वालों के लिए कई सुविधाएं शामिल हैं. इसके तहत पहले साल एक लाख रुपये तक की सब्सिडी, रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी. स्कूल बसों को भी इस योजना में शामिल किया गया है. माना जा रहा है कि यह नीति जून के अंत तक लागू हो सकती है.

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BS6 वाहन क्यों हैं बेहतर विकल्प?

BS6 यानी Bharat Stage 6 भारत का सबसे नया उत्सर्जन मानक है, जिसे अप्रैल 2020 से लागू किया गया था. BS4 की तुलना में BS6 वाहन काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं. पेट्रोल वाहनों में नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन लगभग 25 प्रतिशत और डीजल वाहनों में करीब 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इसके अलावा इन वाहनों में बेहतर इंजन तकनीक, बेहतर प्रदर्शन और भविष्य के नियमों के अनुरूप लंबी उपयोगिता मिलती है.

BS6 खरीदते समय कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं?

आज बाजार में BS6 तकनीक के साथ कई विकल्प उपलब्ध हैं. पेट्रोल BS6 वाहन कम शुरुआती कीमत और कम मेंटेनेंस खर्च के लिए जाने जाते हैं. डीजल BS6 वाहन लंबी दूरी तय करने वालों के लिए बेहतर माने जाते हैं. CNG BS6 वाहन कम ईंधन खर्च और कम प्रदूषण का फायदा देते हैं, जबकि Hybrid BS6 वाहन पेट्रोल और इलेक्ट्रिक तकनीक का मिश्रण होने के कारण बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन प्रदान करते हैं.

कैसे पहचानें कि वाहन BS6 है?

किसी वाहन के BS6 होने की जानकारी उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वाहन के दस्तावेजों या इंजन कम्पार्टमेंट पर लिखे विवरण से मिल सकती है. अप्रैल 2020 के बाद लॉन्च किए गए अधिकांश नए वाहन BS6 या BS6 फेज-2 मानकों के अनुरूप आते हैं.

दिल्ली-NCR में लागू होने वाली यह नई योजना सिर्फ प्रदूषण कम करने की पहल नहीं है, बल्कि वाहन मालिकों को आधुनिक, कम प्रदूषण वाले और भविष्य के नियमों के अनुरूप वाहनों की ओर बढ़ने का अवसर भी देती है. BS6 और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाले आर्थिक लाभ, बेहतर तकनीक और कम उत्सर्जन इन्हें आने वाले समय के लिए अधिक समझदार विकल्प बनाते हैं.

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