हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

दिल्ली-NCR में BS6 गाड़ी और EV खरीदने वालों को सरकार देगी सब्सिडी, जानिए फायदे और कौन-सा ऑप्शन रहेगा बेस्ट

दिल्ली-NCR में पुराने BS-III और BS-IV ट्रक-बसों को हटाने की बड़ी योजना के बाद BS6 वाहनों की चर्चा फिर तेज हो गई है. अगर आप नई गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो जानिए BS6 वाहन क्या हैं, इनके सबसे बड़े फायदे क्या हैं और आपके लिए पेट्रोल, डीजल, CNG या हाइब्रिड में कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है.

विज्ञापन
अब BS6 और EV खरीदने वालों को मिलेगा डबल फायदा. (AI Image)

दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन वाहन मालिकों को मिलेगा जो अपनी पुरानी BS-III या BS-IV गाड़ियों की जगह नई BS6 या इलेक्ट्रिक बस-ट्रक खरीदेंगे. सरकार सिर्फ पुराने वाहनों को हटाने की बात नहीं कर रही, बल्कि नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों पर टैक्स छूट, सब्सिडी और अन्य आर्थिक लाभ भी देने जा रही है. ऐसे में यह योजना वाहन मालिकों के लिए खर्च कम करने और बेहतर विकल्प चुनने का मौका बन सकती है.

दिल्ली-NCR में पुराने वाहनों को हटाने की तैयारी

केंद्रीय कैबिनेट ने 9,585 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाना है. इस योजना में केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि टैक्स लाभ और अन्य रियायतों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारें सहयोग करेंगी. योजना के तहत करीब 1.91 लाख पुराने ट्रक और 16,329 बसों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है.

BS-III और BS-IV वाहनों के लिए क्या नियम होंगे?

सरकार के अनुसार BS-III या उससे पुराने ट्रकों और बसों को स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा. वहीं BS-IV वाहनों के मालिकों के पास दो विकल्प होंगे. वे चाहें तो वाहन को स्क्रैप करा सकते हैं या फिर उसे NCR से बाहर ऐसे शहरों में बेच सकते हैं जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के दायरे में नहीं आते. इसके बाद उन्हें नई BS-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदकर NCR में रजिस्टर करानी होगी.

विज्ञापन

BS6 और EV खरीदने पर मिलेगा डबल फायदा

नई योजना का सबसे बड़ा आकर्षण आर्थिक लाभ है. यदि कोई वाहन मालिक पुरानी बस या ट्रक हटाकर BS6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है तो उसे केंद्र और राज्य सरकार दोनों तरफ से फायदा मिल सकता है. दिल्ली सरकार पहले ही इलेक्ट्रिक ट्रक और बस खरीदने पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की घोषणा कर चुकी है. इसके अलावा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट का प्रावधान है. अब केंद्र सरकार की योजना से लोन पर ब्याज राहत और वाहन कीमत में अतिरिक्त छूट मिलने की संभावना भी बढ़ गई है.

दिल्ली की नई EV पॉलिसी से भी मिलेगा लाभ

दिल्ली सरकार की प्रस्तावित EV पॉलिसी 2.0 में इलेक्ट्रिक ट्रक और बस खरीदने वालों के लिए कई सुविधाएं शामिल हैं. इसके तहत पहले साल एक लाख रुपये तक की सब्सिडी, रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी. स्कूल बसों को भी इस योजना में शामिल किया गया है. माना जा रहा है कि यह नीति जून के अंत तक लागू हो सकती है.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- अब पेट्रोल के बिना भी चलेगी बाइक! Hero ने लॉन्च की भारत की पहली Flex Fuel गाड़ियां, Splendor और HF Deluxe का नया अवतार

BS6 वाहन क्यों हैं बेहतर विकल्प?

BS6 यानी Bharat Stage 6 भारत का सबसे नया उत्सर्जन मानक है, जिसे अप्रैल 2020 से लागू किया गया था. BS4 की तुलना में BS6 वाहन काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं. पेट्रोल वाहनों में नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन लगभग 25 प्रतिशत और डीजल वाहनों में करीब 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इसके अलावा इन वाहनों में बेहतर इंजन तकनीक, बेहतर प्रदर्शन और भविष्य के नियमों के अनुरूप लंबी उपयोगिता मिलती है.

विज्ञापन

BS6 खरीदते समय कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं?

आज बाजार में BS6 तकनीक के साथ कई विकल्प उपलब्ध हैं. पेट्रोल BS6 वाहन कम शुरुआती कीमत और कम मेंटेनेंस खर्च के लिए जाने जाते हैं. डीजल BS6 वाहन लंबी दूरी तय करने वालों के लिए बेहतर माने जाते हैं. CNG BS6 वाहन कम ईंधन खर्च और कम प्रदूषण का फायदा देते हैं, जबकि Hybrid BS6 वाहन पेट्रोल और इलेक्ट्रिक तकनीक का मिश्रण होने के कारण बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन प्रदान करते हैं.

कैसे पहचानें कि वाहन BS6 है?

किसी वाहन के BS6 होने की जानकारी उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वाहन के दस्तावेजों या इंजन कम्पार्टमेंट पर लिखे विवरण से मिल सकती है. अप्रैल 2020 के बाद लॉन्च किए गए अधिकांश नए वाहन BS6 या BS6 फेज-2 मानकों के अनुरूप आते हैं.

विज्ञापन

दिल्ली-NCR में लागू होने वाली यह नई योजना सिर्फ प्रदूषण कम करने की पहल नहीं है, बल्कि वाहन मालिकों को आधुनिक, कम प्रदूषण वाले और भविष्य के नियमों के अनुरूप वाहनों की ओर बढ़ने का अवसर भी देती है. BS6 और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाले आर्थिक लाभ, बेहतर तकनीक और कम उत्सर्जन इन्हें आने वाले समय के लिए अधिक समझदार विकल्प बनाते हैं.

ये भी पढ़ें- Tesla vs BMW vs Mercedes: टेस्ला ने मचा दी खलबली! 9 लाख सस्ती हुई Model Y, अब BMW-Mercedes की बढ़ी टेंशन

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola