Daily Horoscope: 30 जुलाई 2025 दिन बुधवार को सावन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। इस दिन रात 9 बजकर 53 मिनट तक हस्त नक्षत्र रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। पूरे दिन सिद्ध योग रहेगा, जो कार्यों में सफलता और सकारात्मकता का प्रतीक है। दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक कौलव करण और फिर तैतिल करण रहेगा, जो सामान्य कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं।
ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा और मंगल कन्या राशि में होंगे, मिथुन में शुक्र और गुरु की युति होगी, कर्क में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा, सूर्य की राशि सिंह में केतु, कुंभ में राहु, और मीन में शनि विराजमान होंगे। यह ग्रह गोचर और योग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मंगल-चंद्रमा की युति और शनि-राहु-केतु का प्रभाव कुछ राशियों के लिए इस दिन को ‘बैड डे’ बना सकता है। आइए जानते हैं कि यह दिन किन राशि वालों के लिए अशुभ हो सकता है और दिन को बेहतर बनाने के लिए क्या उपाय करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए चंद्रमा और मंगल की युति चतुर्थ भाव में होगी, जो परिवार, माता और मन की शांति से संबंधित है। इस दिन पारिवारिक तनाव, माता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव या संपत्ति से जुड़े विवाद हो सकते हैं। मंगल की आक्रामक ऊर्जा और चंद्रमा की भावनात्मकता के कारण मानसिक अशांति बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ गलतफहमियां या जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। हस्त नक्षत्र की संवेदनशील ऊर्जा और सिद्ध योग के बावजूद, मंगल का प्रभाव इस राशि के लिए चुनौतियां ला सकता है।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार को मसूर दाल का दान करें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए चंद्रमा और मंगल की युति प्रथम भाव में होगी, जो व्यक्तित्व और स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा। इस दिन आपके अंदर चिड़चिड़ापन, क्रोध या मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है। मंगल की उग्रता और चंद्रमा की अस्थिरता के कारण निर्णय लेने में भटकाव हो सकता है। स्वास्थ्य में पेट या सिरदर्द जैसी समस्याएं उभर सकती हैं और कार्यक्षेत्र में छोटी-छोटी बातों पर तनाव हो सकता है। चित्रा नक्षत्र के शुरू होने पर रचनात्मकता बढ़ेगी, लेकिन मंगल का प्रभाव इसे अस्थिर कर सकता है।
उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा घास चढ़ाएं और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए चंद्रमा और मंगल की युति अष्टम भाव में होगी, जो रहस्य, स्वास्थ्य, और अप्रत्याशित घटनाओं से संबंधित है। इस दिन स्वास्थ्य में अचानक समस्याएं जैसे रक्त या पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। मानसिक तनाव, चिंता या गुप्त शत्रुओं से परेशानी बढ़ सकती है। राहु का कुंभ राशि में और शनि के मीन में होने से यह दिन जोखिम भरे निर्णयों या निवेश के लिए अनुकूल नहीं है। सिद्ध योग के बावजूद, मंगल-चंद्रमा की युति अशांति पैदा कर सकती है।
उपाय: शनिदेव के सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए चंद्रमा और मंगल की युति सप्तम भाव में होगी, जो साझेदारी और वैवाहिक जीवन से संबंधित है। इस दिन जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर्स के साथ मतभेद या तनाव की स्थिति बन सकती है। शनि का मीन राशि में होना और मंगल की दृष्टि के कारण रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य में आंखों या पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। हस्त नक्षत्र की कोमल ऊर्जा रिश्तों को संभालने में मदद करेगी, लेकिन मंगल के प्रभाव के कारण सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उपाय: शिवलिंग का जलाभिषेक करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।