Daily Horoscope: 18 जुलाई 2025 को सावन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि शाम 5 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। पूरे दिन अश्विनी नक्षत्र रहेगा। सुकर्मा योग सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, फिर धृति योग लगेगा। करण में बालव सुबह 6 बजकर 7 मिनट तक, फिर कौलव शाम 5 बजकर 1 मिनट तक, और इसके बाद तैतिल करण शुरू होगा। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा मेष राशि में, शुक्र वृषभ में, बृहस्पति मिथुन में, सूर्य और बुध कर्क में युति बनाएंगे, मंगल और केतु सिंह में, राहु कुंभ में और शनि मीन में रहेंगे। इस ज्योतिषीय स्थिति के आधार पर कुछ राशियों के लिए यह दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आइए जानते हैं कि यह दिन किन राशि वालों के लिए चुनौतिपूर्ण रहेगा और इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। 18 जुलाई 2025 को चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे, जो मंगल द्वारा शासित है। अश्विनी नक्षत्र, जो केतु से संबंधित है, तीव्र ऊर्जा और परिवर्तन लाता है। सूर्य और बुध की युति कर्क में होने से संचार और निर्णय लेने में उतार-चढ़ाव हो सकता है। मंगल और केतु की युति सिंह राशि में आक्रामकता और अचानक बदलाव ला सकती है। शनि का मीन में वक्री होना और राहु का कुंभ में होना कुछ राशियों के लिए तनाव और भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। इस स्थिति में कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए चंद्रमा 12वें भाव को प्रभावित करेंगे। यह खर्च और मानसिक तनाव का भाव है। सूर्य और बुध की युति 11वें भाव में होने से आय में रुकावट और बातचीत में गलतफहमी हो सकती है। मंगल और केतु की युति तीसरे भाव में होने से भाई-बहनों या सहकर्मियों के साथ विवाद की आशंका है। इस दिन मिथुन राशि के लोग कार्यक्षेत्र में अड़चनें, अनावश्यक खर्च और मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय- गणेशजी को दूर्वा चढ़ाकर 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

कर्क राशि

कर्क राशि में सूर्य और बुध की युति पहले भाव में होगी, और बुध इस दिन शाम 8:14 बजे अस्त हो जाएंगे। इससे आत्मविश्वास में कमी और निर्णय लेने में भ्रम हो सकता है। चंद्रमा दशम भाव में होने से कार्यक्षेत्र में दबाव और वरिष्ठों के साथ तनाव की स्थिति बन सकती है। कर्क राशि के लोग करियर में रुकावट, छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं और भावनात्मक अशांति का अनुभव कर सकते हैं। उपाय- शिवलिंग पर जल चढ़ाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा सातवें भाव में रहेगा, जो रिश्तों और साझेदारी का भाव है। मंगल और केतु की युति ग्यारहवें भाव में होने से दोस्तों या सोशल ग्रुप्स में गलतफहमी हो सकती है। शुक्र वृषभ में होने पर भी रिश्तों में तनाव की स्थिति बन सकती है। तुला राशि के लोग वैवाहिक या प्रेम संबंधों में तनाव और सामाजिक गतिविधियों में रुकावट महसूस कर सकते हैं। उपाय- माता दुर्गा को लाल फूल चढ़ाकर 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए चंद्रमा पांचवें भाव में रहेगा, जो रचनात्मकता और संतान का भाव है। मंगल और केतु की युति नौवें भाव में होने से भाग्य कमजोर हो सकता है, और यात्रा या उच्च शिक्षा में रुकावटें आ सकती हैं। शनि की वक्री स्थिति तीसरे भाव में मानसिक दबाव बढ़ा सकती है। धनु राशि के लोग पढ़ाई या रचनात्मक कार्यों में रुकावट, भाग्य का कम साथ और तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय- हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें और हनुमानजी को चमेली का तेल अर्पित करें।

मीन राशि

मीन राशि में वक्री शनि पहले भाव में रहेंगे, जो आत्मविश्वास और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। चंद्रमा दूसरे भाव में होने से आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। सूर्य और बुध की युति पांचवें भाव में होने से संतान या रचनात्मक कार्यों में परेशानी हो सकती है। मीन राशि के लोग स्वास्थ्य में कमी, आर्थिक नुकसान और रचनात्मक कार्यों में रुकावट महसूस कर सकते हैं। उपाय- शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल दान करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। ये भी पढ़ें- इन राशियों पर रहते हैं भोलेनाथ मेहरबान, हमेशा देते हैं साथ