Aditya L1 Solar Mission: बहुप्रतीक्षित सौर मिशन-आदित्य एल1 आज सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर सफलता पूर्वक लॉन्च हो गया है। यह मिशन सूर्य के वायुमंडल, चुंबकीय क्षेत्र और सूर्य की ज्वालाओं का बेहतर ढंग से अध्ययन करेगा और उसके बाद इससे संबंधित जानकारी इसरो को भेजेगा। लेकिन क्या आपको पता है कि सूर्य मिशन के प्रक्षेपण का समय 11.50 बजे ही क्यों रखा गया? आइए जानते हैं सूर्य मिशन का ज्योतिष से क्या कनेक्शन है।
तमाम ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के मुताबिक, इस सूर्य मिशन का ज्योतिष के साथ भी खास कनेक्शन है। दरअसल इस वक्त सूर्य कन्या राशि में विराजमान हैं। जिसे शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा सूर्य मिशन का प्रक्षेपण भी बृहस्पति के समय में हुआ है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के जानकार बता रहे हैं कि यह सूर्य मिशन सफल होगा। जिससे सूर्य के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त होगी।
आदित्य एल1 लॉन्च: सुबह 11:50 बजे का महत्व
महत्वपूर्ण घटनाओं के समय आकाशीय पिंडों की स्थिति उनके परिणामों को प्रभावित करती हैं। सुबह 11:50 बजे आदित्य एल का प्रक्षेपण सूर्य की चरम ऊर्जा के साथ पूरी तरह से मेल खाता है। ज्योतिष के जानकार इसे शुभ मान रहे हैं। दरअसल जिस वक्त आदित्य एल1 की लॉन्चिंग हुई उस समय बृहस्पति देव मजबूत स्थिति में थे। जिसे शुभता का संकेत माना जा रहा है। वहीं आदित्य एल एक अंतरिक्ष मिशन है जिसका नाम सूर्य के वैदिक नाम पर रखा गया है। इसका उद्देश्य सूर्य की गतिविधियों का अध्ययन करना है, जो पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ज्योतिष में 2 सितंबर 2023, शनिवार का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार का दिन शनि ग्रह से जुड़ा है, जो अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर अपने प्रभाव के लिए जाना जाता है। शनिवार को आदित्य एल को लॉन्च होने से पता चलता है कि मिशन सावधानीपूर्वक योजना और धैर्य के लिए प्रतिबद्ध है, जो इस परिमाण के मिशन के लिए आवश्यक हैं। इसके अलावा शनि, वह ग्रह जो शनिवार को नियंत्रित करता है, अपने धीरज और लचीलेपन के लिए जाना जाता है, जो इस तरह के मिशन के लिए आवश्यक गुण हैं। ऐसे में आदित्य एल को लॉन्च करने के लिए शनिवार का चुनाव बेहद शुभ है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।