जन्मकुंडली में अशुभ मंगल कर देता है सब चौपट! तुरंत करें ये उपाय
Edited By Sunil Sharma

Edited By Sunil Sharma

Mangal ke Upay: ज्योतिष में मंगल ग्रह को देवताओं का सेनापति माना गया है। यह ग्रह जिस भी जन्मकुंडली में अनुकूल होता है, उसे सफलता की ऊंचाईयों पर पहुंचा देता है। परन्तु जिसकी कुंडली में यह प्रतिकूल होता है, उसे जीवन भर संघर्ष करना पड़ता है। आचार्य अनुपम जौली से जानिए कि मंगल हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है।
यह भी पढ़ें: शुक्रवार को ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजा, नौकरी में होगा प्रमोशन, बिजनेस में भी मुनाफा मिलेगा
किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली होरोस्कोप में मंगल का शुभ स्थान पर होना कई तरह से लाभकारी है। ऐसे व्यक्ति में जबरदस्त पॉजिटिव एनर्जी होती है। वह आत्मविश्वास से भरा, दबंग और प्रचंड ऊर्जावान होता है। शुभ मंगल वाला जातक एक बार जो ठान लेता है, उसे पूरा करके ही दम लेता है।
मंगल का शुभ होना व्यक्ति को समाज में भी मान-सम्मान दिलाता है। उसका स्वास्थ्य अच्छा रहता है तथा कॅरियर भी तेजी से रफ्तार पकड़ता है। ऐसे जातक में जन्मजात नेतृत्व क्षमता होती है जो उसे दूसरों से काम करवाने में सक्षम बनाती है। वह एक गरीब परिवार में जन्म लेकर भी बहुत आगे तक जाता है।
अशुभ मंगल जातक के जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है। ऐसा मंगल जिसके भी जन्मकुंडली में होता है, उसे छोटी-छोटी चीजों के लिए जीवनभर संघर्ष करना पड़ सकता है। अशुभ मंगल दुर्घटनाओं का कारण बनता है और हेल्थ संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं। अशुभ मंगल वाला व्यक्ति जब भी आगे बढ़ने का प्रयास करता है, उसके मार्ग में कोई न कोई बाधा आ ही जाती है।
मंगल ग्रह अशुभ होने पर व्यक्ति अत्यधिक क्रोधी या चिड़चिड़े स्वभाव वाला हो जाता है। उसका अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ विवाद होने लगता है। उसके रिश्तों में भी उठापटक होने लगती है जिसके चलते पर्सनल लाइफ पूरी तरह डिस्टर्ब हो जाती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: