Tortoise Ring Benefits: कछुए को भगवान विष्णु के कच्छप अवतार का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में कछुए की अंगूठी धारण करना शुभ माना जाता है. कई लोग घर में कछुए की मूर्ति और तस्वीर भी रखते हैं. कछुए की अंगूठी पहनना भी कई लोगों के लिए लाभकारी होता है लेकिन इसे धारण करने से पहले जरूरी नियमों के बारे में जान लेना चाहिए. वास्तु शास्त्र में कछुए की प्रतिमा घर में रखने के फायदों के बारे में बताया गया है. चलिए इसके फायदों और नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
कछुए की अंगूठी पहनने के फायदे (Tortoise Ring Benefits)
कछुए की अंगूठी को धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव किया जा सकता है. इसे घारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. कछुए का संबंध माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु से होता है. ऐसे में इसे धारण करने से धनलाभ के योग बनते हैं. ऐसा माना जाता है कि, कछुए की अंगूठी धारण करने से गरीब व्यक्ति अमीर बन सकता है. इस अंगूठी को पहनना धन को आकर्षित करता है. यह करियर में तरक्की की राह को आसान बनाता है.
कछुए की अंगूठी पहनने के नियम (Tortoise Ring Rules)
कछुए की अंगूठी को हमेशा चांदी की धारण करनी चाहिए. चांदी की कछुए की अंगूठी अधिक शुभ मानी जाती है. इस अंगूठी को आप सीधे हाथ की तर्जनी यानी अंगूठे के ठीक बराबर वाली उंगली में पहन सकते हैं. मध्यमा यानी बीच की उंगली में आप कछुए की अंगूठी धारण कर सकते हैं. आपको इस अंगूठी को गुरुवार या शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए. इसे धारण करने से पहले दूध या गंगाजल से शुद्ध कर लें. अंगूछी धारण करने से पहले इसे मां लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष चरणों में रखकर श्री सूक्त का पाठ करें.
किन्हें नहीं पहननी चाहिए कछुए की अंगूठी?
सभी लोगों के लिए कछुए की अंगूठी शुभ नहीं होती है. कई लोगों को इसे पहनने से बचना चाहिए. ज्योतिष के अनुसार, मेष, कन्या, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों को इस अंगूठी को पहनने से बचना चाहिए. भूलकर भी इसे ऐसे ही धारण नहीं करना चाहिए. कछुए की अंगूठी पहनने से पहले ज्योतिषीय सलाह जरूर लेनी चाहिए. वरना आपको लाभ की बजाय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.