Nail Chewing Effect: यह आपने भी देखा होगा कि कुछ लोगों नाखून चबाने या कुतरने की आदत होती है. लोग इसे अक्सर नर्वस टेंशन या बोरियत समझ लेते हैं और नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन ज्योतिष शास्त्र की बातें और मान्यताएं आप जानेंगे तो आपके होश भी उड़ सकते हैं. क्योंकि, यह एक छोटी-सी आदत करियर, बुद्धि और मेंटल स्टेटस को जबरदस्त रूप से हिला सकती है. आइए जानते हैं, नाखून चबाने की आदत के लिए कौन-सी ग्रह जिम्मेदार हैं और जीवन पर क्या-क्या असर हो सकता है?
छाया ग्रह राहु का असर
राहु, जो कि भ्रम, अचानक होने वाली घटनाओं और नेगेटिव एनर्जी के कारक हैं, को नाखून चबाने से सीधे संबंधित माना गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब आप बार-बार नाखून कुतरते या चबाते हैं, तो राहु की नकारात्मक ऊर्जा आपकी ओर खिंची चली आती है. इसका परिणाम आपको दंग कर सकता है, क्योंकि जॉब में दिक्कत, प्रमोशन में देरी और वर्क प्लेस पर मुश्किलें बढ़ती हैं.
बुध हो जाते हैं दूषित
यह देखा गया है कि जो लोग नाखून चबाते हैं, उनका अधिकांश निर्णय सही नहीं होता है. इससे जीवन में कई नुकसान होते हैं. करियर हो या कारोबार, कई बार तो ये भारी क्षति कर देते हैं, जिनकी भरपाई भी कठिन होती है. इसकी सबसे बड़ी वजह है, नाखून चबाने की आदत से बुध ग्रह का कमजोर होना, जो बुद्धि, वाणी, संचार और व्यवसाय के स्वामी ग्रह हैं. इस आदत वाले लोगों के जीवन में धन संकट कभी खत्म नहीं होता.
चंद्रमा की अस्थिरता
प्रायः नाखून चबाने की आदत को मानसिक अस्थिरता, अत्यधिक तनाव या डिप्रेशन का संकेत माना जाता है. ज्योतिष में यह चंद्रमा के कमजोर और अशांत होने की निशानी मानी गई है. यह भी देखा गया है कि ऐसे लोगों की पैसे की कमी भले न हो, वे व्यर्थ की चिंताओं में डूबे रहते हैं. सब कुछ होते हुए भी उनका मन बेचैन रहता है. ज्योतिष शास्त्र इसका सबसे कारण नाखून चबाने की आदत से जोड़ता है.
कैसे छोड़ें ये आदत?
आपको बता दें कि ये केवल ज्योतिषीय मान्यताएं या विचार मात्र नहीं हैं, बल्कि इस आदत से आपके नाखून और दांत भी खराब होते हैं और सेहत और किस्मत दोनों बिगड़ती है. इस आदत से निजात पाने के लिए ये उपाय कर सकते हैं:
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामुद्रिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।