दुर्गा सप्तशती मंत्र का महत्व
उपरोक्त मंत्र दुर्गा सप्तशती के चौथे अध्याय का 17वां मंत्र है। कहा जाता है कि दुर्गा सप्तशती का यह मंत्र सिद्ध है। नवरात्रि के दौरान इस शक्तिशाली मंत्र का जाप करने से मां दुर्गा की कृपा से जीवन से गरीबी का नामो-निशान मिट जाता है। यही वजह है कि धर्म-शास्त्र के जानकार दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ करने की सलाह देते हैं। दरअसल दुर्गा सप्तशती के इस अघ्याय में मां दुर्गा के सौम्म स्वरूप की स्तुति की गई है। यह भी पढ़ें: नवरात्रि में आप भी करते हैं दुर्गा चालीसा का पाठ? भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना होगा उल्टा असर मंत्र का अर्थ माँ दुर्गे! आप स्मरण करने पर सब प्राणियों का भय हर लेती हैं और स्वस्थ पुरषों द्वारा चिन्तन करने पर उन्हें परम कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करती हैं। दु:ख, दरिद्रता और भय हरनेवाली देवि! आपके सिवा दूसरी कौन है, जिसका चित्त सबका उपकार करने के लिये सदा ही दयार्द्र रहता हो।
डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।