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Kedarnath Dham: शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, अब अप्रैल-मई में फिर से खुलेगा

नई दिल्ली: वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा के बाद भाई दूज के अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट बंद किए गए। भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली को विधि-विधान से श्री केदारनाथ मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित किया गया। वहीं कल दोपहर को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है। […]

नई दिल्ली: वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा के बाद भाई दूज के अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट बंद किए गए। भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली को विधि-विधान से श्री केदारनाथ मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित किया गया। वहीं कल दोपहर को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है।

इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। मां गंगा की उत्सव डोली समारोह पूर्वक जयकारों के साथ मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। शीतकाल के दौरान भगवान केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर में ही होगी।

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गौरतलब है कि सर्दियों में बर्फबारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण चारधाम के कपाट हर साल अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं। फिर अगले साल अप्रैल-मई में फिर से खोले जाते हैं। चारधाम यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस वर्ष छह माह के यात्रा मौसम में 43 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन के लिए पहुंचे।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों का आभार जताया और कहा कि इस बार चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सेना की 11 मराठा रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय स्वर लहरियों के बीच कपाट बंद होने के मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, तीर्थ पुरोहित और रूद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अलावा तीन हजार से अधिक श्रद्धालु भी मौजूद थे। इस दौरान, श्रद्धालुओं के ‘बम बम भोले’ और ‘जय केदार’ के उद्घोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा।

 

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First published on: Oct 27, 2022 11:33 AM

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