Sunil Sharma
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Jyotish Tips: शास्त्रों में राहु को समस्त ग्रहों में सर्वाधिक शक्तिशाली ग्रह माना गया है, बशर्तें यह जन्मकुंडली में सही जगह पर विराजमान हो। राहु में स्वयं की शक्ति नहीं होती परन्तु यह कुंडली के जिस भी भाव में या जिस भी ग्रह के साथ होता है, उसी की ताकत को खुद के प्रभाव में मिला लेता है। इसी प्रकार केतु भी व्यक्ति के जीवन में जबरदस्त उथल-पुथल मचाने की ताकत रखता है।
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शास्त्रों में वैसे तो इन दोनों ही ग्रहों की शांति के लिए अनेकों उपाय बताए गए हैं। इनमें छोटे-मोटे टोटकों से लेकर महामृत्युंजय मंत्र के अनुष्ठान तक शामिल हैं। परन्तु एक उपाय ऐसा भी है जो बिना एक रुपया खर्च किए न केवल राहु, केतु वरन अन्य सभी ग्रहों को भी अनुकूल बना देता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम पांच मिनट श्रीमद्भागवत गीता या रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। जरूरी नहीं है कि आप किसी एक विशेष चौपाई, श्लोक या प्रसंग को ही पढ़ें। आप कहीं से, कुछ भी पढ़ सकते हैं। केवल इतना सा करना भी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकता है।
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श्रीमद्भागवत गीता स्वयं भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रदत्त ज्ञान है जबकि रामचरितमानस में भगवान राम के जीवन चरित्र का वर्णन किया गया है। इस प्रकार ये दोनों ग्रंथ व्यक्ति के मन के भ्रम को दूर कर उसे सही मार्ग दिखाते हैं। इनमें छोटे-छोटे श्लोकों, चौपाईयों के रुप में कई शक्तिशाली मंत्र दिए गए हैं। इन मंत्ररूपी श्लोकों और चौपाईयों के उच्चारण से ही व्यक्ति का भाग्य सही होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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