Guru And Shukra Asta 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रहों में देवताओं के गुरु बृहस्पति को कहा जाता है और दैत्य गुरु शुक्र ग्रह को कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दोनों ग्रहों के बदलाव होने पर मांगलिक और शुभ कार्यों पर असर पड़ता है। बता दें कि कुछ दिन पहले यानी पिछले माह में दैत्य गुरु शुक्र देव मेष राशि में अस्त हो गए हैं, लेकिन 3 दिन बाद यानी 7 मई 2024 को देव गुरु बृहस्पति भी वृषभ राशि में अस्त होने वाले हैं। दोनों ग्रहों के अस्त होने से कुछ राशियों के जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। ज्योतिषियों के अनुसार, गुरु और शुक्र एक साथ अस्त करीब 24 साल बाद हुए हैं। ऐसे में तीन राशियों को संभलकर रहना होगा। तो आइए उन राशियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
वृषभ राशि
देव गुरु बृहस्पति और दैत्य गुरु शुक्र के अस्त होने से वृषभ राशि वाले लोगों के जीवन में गहरा असर देखने को मिलेगा। बता दें कि दोनों ग्रहों के अस्त होने के बाद वृषभ राशि के जातकों को करियर और कारोबार संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही कार्यक्षेत्र में नुकसान भी हो सकता है। घर में कलह-क्लेश की स्थिति बन सकती है।
सिंह राशि
सिंह राशि वाले लोगों के लिए दोनों ग्रहों का अस्त अनुकूल साबित नहीं होगा। क्योंकि सिंह राशि वाले लोगों की कुंडली में गुरु बृहस्पति दसवें और शुक्र 9 वें भाव में अस्त होने वाले हैं। ऐसे में सिंह राशि वाले लोगों को संतान पक्ष से अशुभ संदेश मिल सकता है। साथ ही कार्य के सिलसिले में दूर की यात्रा भी करनी पड़ सकती है। लाभ होने की संभावना नहीं है।