Dhanteras 2022: देश में दिवाली और धनतेरस की तैयारी जोरों पर है। धनतेरस का पर्व कार्तिक मास की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 23 अक्टूबर और दिवाली 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी। दिवाली से पहले आने वाले इस पर्व में भगवान धनवंतरी, कुबैर की पूजा की जाती है। यहां तक की लोगों का यह भी मानना है की समुद्र मंथन के दौरान धनतेरस के दिन ही भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। धनतेरस की रात लोग यम दीप भी जलाते है।
इस दिन सुबह सवेरे उठकर माता लक्ष्मी, कुबेर एवं धन्वन्तरि महाराज की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन दुकानदार और व्यापार भी अपनी दुकानों में पूजा कर मां लक्ष्मी की अराधना करते हैं। पंडितों का कहना है की इस दिन कुछ खास चीजों को घर में खरीदकर लाना बहुत ही शुभ होता है। इन चीजों को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और धन आती है।
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धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में सूखे धनिए के बीज खरीदकर घर में रखने से परिवार में धन संपदा बढ़ती है। धनतेरस पर बहुत से लोग धनिया के बीज खरीदकर घर में रखते हैं। इसे सौभाग्य और सम्पन्नता का प्रतीक माना जाता है। दीपावली पर लक्ष्मी पूजा की थाली में इसे रखते हैं और बाद में इनको क्यारी, गमलों, खेतों आदि में बोया जाता है। साथ ही लोग धनिए के कुछ बीजों को अपनी तिजोड़ी में भी रखते हैं। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और तिजोड़ी हमेशा भरी रहती है।
मान्यता है कि धनतरेस के दिन अवश्य ही अपने घर में झाड़ू खरीदकर लाएं एवं शुभ मुहूर्त पर ही मां लक्ष्मी की पूजन करें। इसके साथ ही धनतेरस और दिवाली की सम्पूर्ण रात अपने घर में, दुकानों में और ऑफिस में दीप जलाने चाहिए। धनतेरस के दिन लोग बर्तन, आभूषण आदि भी खरीदकर लाते हैं। धनतेरस के दिन लोहा खरीदना अशुभ माना जाता है। इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार धातु के बर्तन एवं कलश ख़रीदकर लाएं। इस दिन घर, आफिस और दुकान को साफ कर अच्छे से दीपक जलाना चाहिए।
धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त 23 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 43 मिनट से 06 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल का समय 23 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 43 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। वहीं धनतेरस का शुभ मुहूर्त लगभग 21 मिनट का रहेगा।
धनतेरस खरीदारी शुभ मुहूर्त
मखरीदारी का मुहूर्त सुबह 7:30 से 12:20 के बीच शुभ रहेगा। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त 1:30 बजे से तीन के मध्य रहेगा। तीसरा मुहूर्त शाम करीब 5:30 बजे से 8:50 के बीच का अच्छा रहेगा।
धनतेरस का महत्व
धन त्रयोदशी के दिन देव धनवंतरी देव का जन्म हुआ था। धनवंतरी देव, देवताओं के चिकित्सकों के देव हैं। यही कारण है कि इस दिन चिकित्सा जगत में बड़ी-बड़ी योजनाएं प्रारम्भ की जाती हैं। धनतेरस के दिन चांदी खरीदना शुभ रहता है।
धनतेरस पर करें ये उपाय
- ऐसा माना जाता है कि इस दिन नए उपहार, सिक्का, बर्तन व गहनों की खरीदारी करना शुभ रहता है।
- शुभ मुहूर्त समय में पूजन करने के साथ सात धान्यों की पूजा की जाती है।
- सात धान्य गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर है। सात धान्यों के साथ ही पूजन सामग्री में विशेष रुप से स्वर्णपुष्पा के पुष्प से भगवती का पूजन करना लाभकारी रहता है।
- इस दिन पूजा में भोग लगाने के लिये नैवेद्य के रूप में श्वेत मिष्ठान्न का प्रयोग किया जाता है।
- इस दिन स्थिर लक्ष्मी का पूजन करने का विशेष महत्व है।
(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। न्यूज 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसके लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
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