बसंत पंचमी पर ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा, हर मनचाहे कार्य में मिलेगी सफलता
Edited By Sunil Sharma

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Basant Panchami: भारत में बसंत पंचमी के दिन को शिक्षा का पर्व माना गया है। प्राचीन भारत के गुरुकुलों में इस दिन नए विद्यार्थियों की विधिवत शिक्षा का आरंभ किया जाता था। यही कारण है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। उनकी आराधना कर उनसे ज्ञान, बुद्धि तथा कौशल प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना कर किसी भी तरह की विद्या को प्राप्त किया जा सकता है। जानिए सरस्वती पूजा से संबंधित बातों के बारे में
इस बार बसंत पंचमी का पर्व 26 जनवरी 2023 को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार 4 शुभ योग सर्वार्थसिद्धि योग, शिव योग, रवि योग तथा सिद्ध योग बन रहे हैं। इन योगों में कभी भी मां सरस्वती की पूजा की जा सकती है। पूजा के लिए इन विशेष मुहूर्त का भी उपयोग किया जा सकता है।
अभिजित मुहूर्त – 26 जनवरी 2023 को दिन में 12.12 बजे से 12.55 बजे तक
विजय मुहूर्त – 26 जनवरी 2023 को दिन में 2.21 बजे से 3.04 बजे तक
अमृत काल – 26 जनवरी 2023 को दिन में 2.22 बजे से 3.54 बजे तक
सुबह जल्दी उठ कर स्नान आदि से निवृत्त होकर मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा के लिए भक्तों को स्वयं भी सफेद या पीले वस्त्र ही पहनने चाहिए। मां भगवती की पूजा के लिए भी अधिकाधिक सफेद चीजों का ही प्रयोग करना चाहिए। उन्हें सफेद रंग के वस्त्र धारण करवाएं, मोगरा अथवा चमेली के पुष्प अर्पित करें, सफेद चंदन का तिलक लगाएं, सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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