Astrology: वैदिक ज्योतिष में भाग्य जानने के लिए कुछ बहुत ही आसान से उपाय बताए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति के पास उसकी जन्मकुंडली नहीं है या उसे अपनी डेट ऑफ बर्थ तथा समय का मालूम नहीं है तो भी वह अपने नाम से सब कुछ जान सकता है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति का जो नाम होता है, उसी के आधार पर उसके स्वामी ग्रह का पता लगता है। उदाहरण के लिए यदि किसी का नाम चू, चे, चो अथवा ला से आरंभ होता है तो वह अश्विनी नक्षत्र में जन्मा है। उसका स्वामी ग्रह केतु होगा। अब केतु की स्थिति देख कर उस व्यक्ति के भाग्य को जाना जा सकता है। यह भी पढ़ें: ऐसे चेहरे वाली गर्लफ्रेंड होती है भाग्यशाली, बदल देती है पति और ससुराल का भाग्य

27 नक्षत्र तथा उनके स्वामी ग्रह (Astrology)

सभी 27 नक्षत्रों के स्वामी ग्रह तथा उनसे आरंभ होने वाला नामों के प्रथम अक्षर यहां दिए जा रहे हैं। आप भी यहां दी गई लिस्ट को देखकर अपने जन्म नक्षत्र (Nakshatra and Astrology) और स्वामी ग्रह के बारे में जान सकते हैं। इसके बाद उस स्वामी ग्रह से संबंधित उपाय करके आप अपनी सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। अश्विनी (स्वामी ग्रह - केतु) - चू, चे, चो, ला। भरणी (स्वामी ग्रह - शुक्र) - ली, लू, ले, लो। कृत्तिका (स्वामी ग्रह - सूर्य) - आ, इ, उ, ए। रोहिणी (स्वामी ग्रह - चंद्रमा) - ओ, वा, वी वू। मृगशिरा (स्वामी ग्रह - मंगल) - वे, वो, का की। आर्द्रा (स्वामी ग्रह - राहु) - कू, घ, ङ, छ। पुनर्वसु (स्वामी ग्रह - बृहस्पति)- के, को, हा, ही । पुष्य (स्वामी ग्रह - शनि) - हू, हे, हो, डा। आश्लेषा (स्वामी ग्रह - बुध) - डी, डू, डे, डो । मघा (स्वामी ग्रह - केतु) - मा, मी, मू, में। पूर्वाफाल्गुनी (स्वामी ग्रह - शुक्र) - यो, टा, टी, टू । उत्तराफाल्गुनी (स्वामी ग्रह - सूर्य) - टे, टो, पा, पी। हस्त (स्वामी ग्रह - चंद्रमा) - पू, ष, ण, ढ। चित्रा (स्वामी ग्रह - मंगल) - पे, पो, रा, री। स्वाति (स्वामी ग्रह - राहु) - रू, रे, रो, ता। विशाखा (स्वामी ग्रह - बृहस्पति) - तो, तू, ते, तो। अनुराधा (स्वामी ग्रह - शनि) - ना, नी, नू, ने। ज्येष्ठा (स्वामी ग्रह - बुध) - नो, या, यी, यू। मूल (स्वामी ग्रह - केतु) - ये, यो, या, यी। पूर्वाषाढ़ा (स्वामी ग्रह - शुक्र) - यू, धा, फा, ढा। उत्तराषाढ़ा (स्वामी ग्रह - सूर्य) - पू, ये, यो, जा, जी। श्रवण (स्वामी ग्रह - चंद्रमा) - खी, खू, खे, खो। घनिष्ठा (स्वामी ग्रह - मंगल) - गा, गी, गू, गे। शतभिषा (स्वामी ग्रह - राहु) - गो, सा, सी, सू। पूर्वाभाद्रपद (स्वामी ग्रह - बृहस्पति) - से, सो, दा, दी। उत्तराभाद्रपद (स्वामी ग्रह - शनि) - दू, ध, क्ष, त्र। रेवती (स्वामी ग्रह - बुध) - दे, दो, चा, ची। यह भी पढ़ें: Ekadashi Vrat: एकादशी के टोटके बना देते हैं बिगड़ी किस्मत, हर मनोकामना होती है पूरी डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।