Aaj Ka Panchang 27 february 2025: आज 27 फरवरी, 2025 को फाल्गुन माह का चौदहवां दिन है यानी आज इस माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 11 घंटे 31 मिनट 25 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 12 घंटे 27 मिनट 33 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह वसंत ऋतु है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण में गोचर कर रहे हैं।
आइए जानते हैं, 27 फरवरी के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं? आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज का राहु काल का समय क्या है?
आज का पंचांग
तिथि: आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 08:54 AM तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरु हो जाएगी, जो 28 फरवरी की 06:14 AM तक व्याप्त रहेगी। चतुर्दशी तिथि एक रिक्ता तिथि है, हालांकि इसके स्वामी भगवान शिव हैं और इस दिन का स्वभाव आक्रामक होता है। इसलिए चतुर्दशी एक शुभ तिथि नहीं मानी गई है।
नक्षत्र: आज 03:43 PM तक धनिष्ठा नक्षत्र व्याप्त रहेगी। इसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगी। धनिष्ठा और शतभिषा दोनों ही नक्षत्र शुभ मुहूर्तों में स्वीकृत है, इसलिए यह सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।
दिन/वार: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही, यह दिन नवग्रहों में देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। बृहस्पति ग्रह की कृपा और शांति प्राप्त करने के लिए इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और उपाय किए जाते हैं।
योग: आज 11:41 PM तक शिव योग व्याप्त रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग की शुरुआत जो जाएगी। शिव और वरीयान दोनों ही शुभ योग माने गए हैं।
करण: आज के दिन 08:54 AM तक शकुनि करण का प्रभाव रहेगा, इसके बाद चतुष्पद करण की शुरुआत होगी, जो 07:37 PM तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद नाग करण आरंभ हो जाएगा, जो 28 फरवरी की 06:14 AM तक कायम रहेगा।
सूर्य-चंद्र गोचर
आज के पंचाग के उपर्युक्त इन 5 अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने के योग हैं:
सूर्य गोचर: सूर्य कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं, जो शनि ग्रह के स्वामित्व वाली राशि है।
चन्द्र गोचर: आज कुंभ मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसके स्वामी भी शनि ग्रह ही हैं।
शुभ-अशुभ काल
आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: 05:08 AM से 05:58 AM
प्रातः सन्ध्या: 05:33 AM से 06:48 AM
अभिजित मुहूर्त: 12:11 PM से 12:57 PM
विजय मुहूर्त: 02:29 PM से 03:15 PM
गोधूलि मुहूर्त: 06:17 PM से 06:42 PM
सायाह्न सन्ध्या: 06:20 PM से 07:34 PM
निशिता मुहूर्त: 12:09 AM, फरवरी 28 से 12:58 AM, फरवरी 28
आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:
राहुकाल: आज राहु काल 03:26 PM से 04:52 PM तक रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है।
राहुकाल: 02:00 PM से 03:27 PM
यमगण्ड: 06:48 AM से 08:15 AM
दुर्मुहूर्त: 10:39 AM से 11:25 AM और 03:15 PM से 04:01 PM
गुलिक काल: 09:41 AM से 11:08 AM
वर्ज्य: 10:18 PM से 11:46 PM
पञ्चक: यह पूरे दिन व्याप्त रहेगा।
27 फरवरी 2025 के पर्व और त्योहार
गुरुवार का व्रत: गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करके उनसे कृपा, सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भक्ति से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं। साथ ही, गुरुवार का दिन नवग्रहों में देवगुरु बृहस्पति को भी समर्पित होता है। बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, धर्म, संतान सुख, विवाह, और समृद्धि का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है, उन्हें इस दिन विशेष रूप से पूजा और उपाय करने की सलाह दी जाती है।
आज की यात्रा टिप्स: आज दक्षिण दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।
पंचांग का महत्व
पंचांग केवल तिथियों और त्योहारों का कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह जीवन को सफल और समृद्ध बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। यह ब्रह्मांड की प्राकृतिक लय और खगोलीय घटनाओं के अनुसार चलने की प्रेरणा देता है, जिससे समय और परिस्थितियाँ अनुकूल बनाई जा सकती हैं। पंचांग के पाँच प्रमुख अंग- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण का ध्यान रखकर यदि महत्वपूर्ण कार्य किए जाएं, तो सफलता और समृद्धि के अवसर बढ़ जाते हैं। हिंदू संस्कृति में शुभ कार्यों जैसे कि विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत, यात्रा आदि। इन कार्यों को पंचांग के अनुसार करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
जीवन में पंचांग की भूमिका: पंचांग केवल शुभ मुहूर्त बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी निर्णय क्षमता को भी सुदृढ़ करता है। यह प्रकृति और ब्रह्मांड की ऊर्जा के साथ संतुलन स्थापित करने में सहायक होता है। इससे व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।