Aaj Ka Panchang: आज स्कंद षष्ठी पर जानिए 3 फरवरी के पंचांग का नक्षत्र, शुभ योग और राहु काल

Aaj Ka Panchang 3 February 2025: आज 3 फरवरी, 2025 को माघ माह की षष्ठी तिथि है और दिन सोमवार है। आज स्कंद षष्ठी व्रत और माघ माह की गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है। आइए जानते हैं, 3 फरवरी का पंचांग क्या है, आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने वाला है, किस दिशा में यात्रा करना अशुभ है और आज का राहु काल कब से कब तक है?

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Aaj Ka Panchang 3 February 2025: आज 3 फरवरी, 2025 को माघ माह का 21वां दिन है और आज इस माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 10 घंटे 53 मिनट 58 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 13 घंटे 05 मिनट 25 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह शिशिर ऋतु है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण होकर गोचर कर रहे हैं।

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आज स्कंद षष्ठी व्रत के साथ माघ गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है। आइए जानते हैं, 3 फरवरी के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं और आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज का राहु काल क्या है?

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आज का पंचांग

तिथि: 3 फरवरी, 2025 को पूरे दिन षष्ठी तिथि है, जो 4 फरवरी को 04:37 AM बजे समाप्त होगी और इसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज स्कंद षष्ठी व्रत का शुभ संयोग रवि योग के साथ हो रहा है। षष्ठी तिथि को अधिकांश कार्यों के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए यह शुभ मुहूर्तों में सम्मिलित है।

नक्षत्र: 3 फरवरी को रात के 11:16 PM बजे तक रेवती का योग है। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा। ये दोनों नक्षत्र अधिकांश शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

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दिन/वार: आज दिन सोमवार है, जो महादेव शिव की आराधना का एक उत्तम दिन माना गया है। साथ ही आज का दिन नवग्रहों में चंद्रदेव को समर्पित है।

योग: आज पूरे दिन साध्य योग का प्रभाव रहेगा, जो 4 फरवरी की 03:03 AM बजे तक कायम रहेगी। इसके बाद शुभ योग आरंभ हो जाएगा। ये दोनों योग साध्य और शुभ अधिकांश शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

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करण: आज दिन में 05:43 PM बजे तक कौलव करण का प्रभाव रहेगा, जबकि 4 फरवरी की 04:37 AM तैतिल करण प्रभावी रहेगी। बता दें कि कौलव और तैतिल दोनों ही शुभ करण माने गए हैं।

सूर्य-चंद्र गोचर

आज के पंचाग के उपर्युक्त इन 5 अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने योग हैं:

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सूर्य गोचर: सूर्य मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जो शनि ग्रह के स्वामित्व वाली राशि है।

चन्द्र गोचर: आज चंद्रमा रात के 11:16 PM तक मीन राशि में रहेंगे और इसके बाद मेष राशि में प्रविष्ट हो जाएंगे।

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शुभ-अशुभ काल

आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: 05:23 AM से 06:16 AM

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प्रातः सन्ध्या: 05:49 AM से 07:08 AM

अभिजित मुहूर्त: 12:13 PM से 12:57 PM

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विजय मुहूर्त: 02:24 PM से 03:08 PM

गोधूलि मुहूर्त: 06:00 PM से 06:26 PM

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सायाह्न सन्ध्या: 06:02 PM से 07:21 PM

अमृत काल: 09:02 PM से 10:32 PM

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निशिता मुहूर्त: 12:09 AM, फरवरी 04 से 01:01 AM, फरवरी 04

रवि योग: 07:08 AM से 11:16 PM

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आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

राहुकाल: आज राहु काल दोपहर बाद 08:30 AM से 09:52 AM रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है।

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यमगण्ड: 11:13 AM से 12:35 PM

गुलिक काल: 01:57 PM से 03:19 PM

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दुर्मुहूर्त काल: 12:57 PM से 01:41 PM

विष घटी/वर्ज्य काल: 12:04 PM से 01:34 PM: और: 03:08 PM से 03:51 PM

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गण्ड मूल: पूरे दिन रहेगा।

पंचक: 07:08 AM से 11:16 PM

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01 फरवरी 2025 के पर्व और त्योहार

आज भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत का दिन है, जिसे स्कंद षष्ठी कहते हैं। साथ ही आज माघ गुप्त नवरात्रि का छठा दिन भी है। दश महाविद्याओं में से गुप्त नवरात्रि के छठे दिन मां धूमावती की आराधना की जाती है, जबकि सामान्य रूप से छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। यह नवरात्रि 7 फरवरी 2025 तक चलेगी। यह विशेष रूप से तंत्र साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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सोमवार का व्रत: सोमवार के दिन देवाधिदेव आशुतोष भगवान शिव की आराधना की जाती है और नवग्रहों के मन का कारक माने गए चंद्रदेव की पूजा करने का विधान है। आज चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय किए जाते हैं। 

आज की यात्रा टिप्स: आज पूर्व दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।

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पंचांग का महत्व

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले इसका अध्ययन आवश्यक माना जाता है, क्योंकि यह वार, तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त के आधार पर उचित निर्णय लेने में सहायक होता है। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और व्यापार आरंभ जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय का चयन किया जाता है, जिससे कार्य की सफलता और शुभ फल की प्राप्ति संभव हो। मान्यता है कि सही मुहूर्त में किए गए कार्य अधिक सफल होते हैं और इससे जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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