Aaj Ka Panchang: आज है माघ शुक्ल की तृतीया तिथि और विनायक चतुर्थी व्रत, जानिए 01 फरवरी 2025 के पंचांग के नक्षत्र, शुभ योग और राहु काल

Aaj Ka Panchang 01 February 2025: आज 01 फरवरी, 2025 को माघ माह की तृतीया तिथि और दिन शनिवार है। आज माघ गुप्त नवरात्रि तीसरा दिन और विनायक चतुर्थी व्रत है। आइए जानते हैं, 01 फरवरी का पंचांग क्या है, आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने वाला है, आज किस दिशा में यात्रा करना अशुभ है और आज का राहु काल कब से कब तक है?

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Aaj Ka Panchang 01 February 2025: आज 01 फरवरी, 2025 को माघ माह का 18वां दिन है और आज इस माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो 31 जनवरी को दोपहर बाद 01:59 PM बजे शुरू हुई थी। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 10 घंटे 51 मिनट 12 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 13 घंटे 08 मिनट 13 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह शिशिर ऋतु है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण होकर गोचर कर रहे हैं।

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आज विनायक चतुर्थी व्रत के साथ माघ गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन है। आइए जानते हैं, 01 फरवरी के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं और आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज का राहु काल क्या है?

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आज का पंचांग

तिथि: 01 फरवरी, 2025 को दोपहर बाद 11:38 AM तक तृतीया तिथि है। इसके बाद चतुर्थी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। तृतीया जया तिथि के वर्ग की एक शुभ और शक्तिप्रद तिथि मानी गई है।

नक्षत्र: आज आधी रात के बाद यानी 2 फरवरी के 02:33 AM तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा, इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की शुरुआत हो जाएगी। ये दोनों नक्षत्र अधिकांश शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

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दिन/वार: आज दिन शनिवार है, जो कर्मफल के दाता ग्रह शनिदेव को समर्पित है। साथ ही, आज का दिन बजरंग बली हनुमान की आराधना के लिए भी बढ़िया माना गया है।

योग: आज सुबह के 12:25 PM तक पारीघ योग का प्रभाव रहेगा, इसके बाद शिव योग आरंभ हो जाएगा। पारीघ योग का पूर्वार्ध अशुभता से युक्त होता है, जबकि शिव योग को शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना गया है।

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करण: आज दिन के 11:38 AM तक गर करण प्रभावी रहेगा, इसके बाद वणिज करण आरंभ हो जाएगा, जो रात के 10:26 PM तक बना रहेगा। इसके बाद विष्टि करण की शुरुआत होगी। बता दीं कि गर और वणिज दोनों ही शुभ करण माने गए हैं, जबकि विष्टि करण बेहद अशुभ मानी गई है।

सूर्य-चंद्र गोचर

आज के पंचाग के उपर्युक्त इन 5 अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने योग हैं:

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सूर्य गोचर: सूर्य मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जो शनि ग्रह के स्वामित्व वाली राशि है।

चन्द्र गोचर: आज चंद्रमा कुंभ राशि में 08:58 PM बजे तक ही रहेंगे, इसके बाद वे मीन राशि में गोचर कर जाएंगे।

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शुभ-अशुभ काल

आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: 05:24 AM से 06:17 AM

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प्रातः सन्ध्या: 05:50 AM से 07:09 AM

अभिजित मुहूर्त: 12:13 PM से 12:57 PM

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विजय मुहूर्त: 02:23 PM से 03:07 PM

गोधूलि मुहूर्त: 05:58 PM से 06:24 PM

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सायाह्न सन्ध्या: 06:00 PM से 07:19 PM

अमृत काल: 07:06 PM से 08:36 PM

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निशिता मुहूर्त: 12:08 AM, फरवरी 02 से 01:01 AM, फरवरी 02

आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

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राहुकाल: आज राहु काल दोपहर बाद 09:52 AM से 11:13 AM रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है।

यमगण्ड: 01:56 PM से 03:18 PM

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गुलिक काल: 07:09 AM से 08:31 AM

दुर्मुहूर्त काल: 07:09 AM से 07:53 AM

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विष घटी/वर्ज्य काल:  10:11 AM से 11:40 AM और 07:53 AM से 08:36 AM

भद्रा: 10:26 PM से 07:09 AM, फरवरी 02

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नोट: आज पूरे दिन पंचक का साया बना रहेगा।

01 फरवरी 2025 के पर्व और त्योहार

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आज विघ्नहर्ता श्री गणेश की माघी जयंती है और विनायक चतुर्थी व्रत है। साथ ही आज माघ गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज के दिन दश महाविद्याओं में से त्रिपुर सुंदरी और भुवनेश्वरी की आराधना की जाती है, जबकि सामान्य रूप से आज मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। यह नवरात्रि 7 फरवरी 2025 तक चलेगी। यह विशेष रूप से तंत्र साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

शनिवार का व्रत: शनिवार के दिन कर्मफल के स्वामी न्यायाधीश शनिदेव की पूजा करने का विधान है और आज शनि ग्रह के शांति के पाठ और उपाय किए जाते हैं। आज का दिन हनुमान जी की आराधना के लिए भी उत्तम माना गया है।

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आज की यात्रा टिप्स: आज पूर्व दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।

पंचांग का महत्व

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले पंचांग का अध्ययन करना आवश्यक माना जाता है, क्योंकि यह तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त के आधार पर सही निर्णय लेने में सहायता करता है। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, व्यापार आरंभ और अन्य मांगलिक  और विशेष कार्यों के लिए शुभ समय और मुहूर्त का चयन करना अनिवार्य होता है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अधिक सफल और मंगलमय माने जाते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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