Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव चरम पर हैं। दोनों देश एक दूसरे पर बमबारी, गोलीबारी, ड्रोन और मिसाइल अटैक कर रहे हैं। पूरी दुनिया की नजर इस विवाद पर टिकी है। वहीं मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रतिक्रिया आ गई है। उन्होंने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे मामले में हस्तक्षेप करेंगे। रूस, चीन, तुर्की, ईरान समेत कई देशों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से बाचतीत करके विवाद सुलझाने की अपील की है।

डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान का साथ देंगे

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जरूरत पड़ेगी तो मैं मामले में हस्तक्षेप करूंगा और पाकिस्तान का साथ दूंगा। पाकिस्तान के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे हैं। उनके पास एक महान प्रधानमंत्री, एक महान जनरल और एक महान नेता है। यह दोनों ऐसे लोग हैं, जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। पिछले दिनों पाकिस्तान का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और अभी भी वह सही कर रहा है, इसलिए पाकिस्तान के साथ हूं।

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कतर और तुर्की मध्यस्थता कर रहे हैं

पाकिस्तान के विदेश सचिव से बातचीत के बाद अमेरिकी विदेश सचिव एलिसन हूकर ने कहा कि तालिबानी हमलों से खुद की रक्षा करने के पाकिस्तान के प्रयासों का अमेरिका समर्थन करता है। फिलहाल अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के लिए कतर और तुर्की मध्यस्थता कर रहे हैं। कतर के विदेश मंत्रालय में राज्यमंत्री डॉ. खुलाइफी और तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद मुत्ताकी से तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान पर बात की।

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संघर्ष को लेकर क्या बोल रहा है चीन?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि चीन दोनों देशों में सीमा पर बढ़ते तनाव को लेकर बेहद चिंतित है। चीन दोनों देशों से बातचीत करके संघर्ष को कम करने का प्रयास कर रहा है। दोनों से शांति बनाए रखने की अपील की है। कूटनीति अपनाकर समस्या का समाधान निकालने का आग्रह किया है।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हमले रोकने की अपील की। विवाद सुलझाने के लिए टेबल पर आने का आग्रह किया। कूटनीतिक तरीकों से मतभेद सुलझाने की अपील की है। रूस विवाद में मध्यस्थता करने के लिए भी तैयार है, अगर दोनों पक्ष इसके लिए सहमति देते हैं तो वे समाधान बता सकते हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी दोनों देशों को मध्यस्थता ऑफर की है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों सीमा पार से हमले रोककर बातचीत करके समस्या का समाधान निकालें। रमजान का महीना चल रहा है और इस महीने में खून खराबा सही नहीं है। अच्छे पड़ोसियों की तरह दोनों बातचीत करके आपसी संबंधों को संभालें, ईरान मदद करने के लिए तैयार है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान में संघर्ष को लेकर तुर्की भी टेंशन में है। इसलिए तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कतर और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। सभी से फोन पर अलग-अलग बातचीत करके संघर्ष का समाधान निकालने की अपील की। तुर्की ने भी टेबल पर बैठकर विवाद का समाधान निकालने का आग्रह किया।

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत की और संघर्ष खत्म करने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों के प्रति अपने दायित्व समझने की अपील की।