यमन में नर्स निमिषा प्रिया को बचाने के लिए ईरान से मदद की उम्मीद जताई जा रही थी। दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में अधिकारियों से बात की जा रही थी, लेकिन अब यहां से भी उम्मीद खत्म हो गई है। ईरानी दूतावास के सूत्रों का कहना है वर्तमान में क्षेत्र में हो रही घटनाओं के कारण निमिषा के मामले में कोई नई जानकारी उन्हें नहीं मिली है। इस पर अब कुछ नहीं किया जा सकता है।

ईरान ने हूतियों से की थी बात

निमिषा प्रिया को फांसी से बचाने के लिए भारत सरकार ने ईरान संपर्क किया था। बातचीत के दौरान ईरान ने इस मामले में यमन सरकार से बात निमिषा की सजा माफ किए जाने की कोशिश करने की बात कही थी। दरअसल, यमन का बहुत सा हिस्सा हूतियों का वर्चस्व है। ईरान की हूतियों से अच्छी बातचीत है। माना जा रहा था ईरान बातचीत कर हूतियों के जरिए निमिषा की फांसी की सजा को माफ करा सकता है। बताया जा रहा है कि ईरान ने कोशिश भी की, लेकिन हूतियों को मनाने में नाकाम रहे।

दिल्ली में ईरानी दूतावास के अधिकारियों ने भी खड़े किए हाथ

निमिषा प्रिया को लेकर भारत सरकार दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के अधिकारियों से बात कर रही है। सोमवार को ईरानी अधिकारियों ने भी इस मामले में अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। उनका कहना है कि निमिषा के मामले में यमन से कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उनकी तरफ लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन बात नहीं बन पा रही है।

ये था पूरा मामला

बता दें केरल के कोच्चि की रहने वाली निमिषा प्रिया ने यमन में स्थानीय बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो मेहदी के साथ मिलकर क्लीनिक शुरू किया था। निमिषा का आरोप है कि 2017 तलाल अब्दो मेहदी उसे प्रताड़ित करने लगा। इस बीच तलाल ने उसका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया। निमिषा ने पासपोर्ट वापस लेने के लिए तलाल को नशे की दवाई और इंजेक्शन दे दिया। दवा ओवरडोज होने की वजह से तलाल की मौत हो गई। इसके बाद उसके शव के टुकड़े कर उसे ठिकाने लगा दिया गया। इसके बाद पुलिस ने तलाल