मिडिल ईस्ट में युद्ध का आज 13वां दिन है। गत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला कर दिया था। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया था। इसके पीछे की वजह अब सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इसका खुलासा किया है।
एक सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य जनरलों ने उनके सामने ऑपरेशन के लिए 20 नामों को रखा था। ट्रंप ने उसमें से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को चुना। ट्रंप ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें हमले के लिए संभावित नामों की एक सूची प्रस्तुत की। ट्रंप ने'एपिक फ्यूरी' देखा और कहा कि मुझे यह नाम पसंद है।
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ट्रंप ने आगे कहा कि उन्होंने मुझे लगभग 20 नाम दिए और मुझे नींद आने लगी। मुझे उनमें से कोई भी पसंद नहीं आया। फिर मैंने एपिक फ्यूरी देखा। मैंने कहा कि मुझे यह नाम पसंद है। मुझे यह नाम पसंद है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन सफल रहा और इसने अपने उद्देश्यों को शीघ्र ही प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि जीतना ही अच्छा है, आप जानते हैं, आप केवल जीत सकते हैं, और हम जीत गए हैं, मैं आपको बता दूं, हम जीत गए हैं।
क्यों किया हमला?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस कार्रवाई को ईरान से उत्पन्न खतरों का मुकाबला करने के उद्देश्य से उठाया गया एक सीमित सैन्य कदम बताया। कहा कि हमने एक अभियान चलाया, आप जानते हैं अभियान क्या होता है? हमें कुछ दुष्ट, बेहद दुष्ट लोगों से छुटकारा पाने के लिए एक छोटी सी यात्रा करनी पड़ी। ऐसा करना जरूरी था। 47 सालों से वे हमारे लोगों को मार रहे हैं। 47 साल। मैं बस इतना ही कह सकता हूं। वे पूरी तरह से तैयार थे, वे बहुत शक्तिशाली हैं, आप जानते हैं, वे पूरे मध्य पूर्व पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे, वे इज़राइल को हराने वाले थे।
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