इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू होंगे गिरफ्तार? तुर्किए ने जारी किया अरेस्ट वारंट, जानें दोनों देशों के बीच क्यों छिड़ा है विवाद

इजरायल और तुर्किए के बीच सीरिया को लेकर तनाव गहरा गया है. इस बीच इजरायल के खिलाफ एक्शन लेते हुए तुर्किए ने बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है. गाजा से जुड़े मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.

Benjamin Netanyahu

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार किया जा सकता है. तुर्किए ने नेतन्याहू के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करके उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मामला गाजा के लिए जा रहे एक्टिविस्ट फ्लोटिला (जहाजों के काफिले) को रोकने का है. तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने नेतन्याहू का अरेस्ट वारंट जारी करने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि है कि तुर्किए की एर्दोगन सरकार ने इंटरपोल के जरिए नेतन्याहू और एक अन्य इजरायली अधिकारी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, ताकि दोनों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके.

विज्ञापन
विज्ञापन

नेतन्याहू के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी क्यों हुआ?

तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने बताश कि साल मई 2026 में राहत सामग्री लेकर गाजा जा रहे इंटरनेशनल फ्लोटिला ने गाजा की नाकेबंदी तोड़ अंदर जाने की कोशिश की थी, लेकिन इजरायल ने फ्लोटिला को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोक लिया था. 40 देशों के 430 से ज्यादा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया था. इस्तांबुल की कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेकर नेतन्याहू समेत कई इजरायली अधिकारियों के खिलाफ केस चलाया है. नेतन्याहू पर नरसंहार, शारीरिक मानसिक यातना, मानवता के खिलाफ अपराध, अवैध हिरासत और जहाजों के अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.

तुर्किए और इजरायल के रिश्ते तनावपूर्ण क्यों है?

बता दें कि इजरायल ने तुर्किए के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. नेतन्याहू ने तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन की कड़ी आलोचना की और कहा कि अरेस्ट वारंट का कोई कानूनी आधार नहीं है, बल्कि राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. इजरायल और तुर्किए के बीच विवाद काफी पुराना है. साल 2010 में एक प्रो-फिलिस्तीनी फ्लोटिला गाजा जा रहा था, जिस पर इजरायल की कमांडो टीम ने हमला किया था, जिसमें 10 तुर्किए नागरिकों की मौत हो गई थी. इस हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था. फिलिस्तीन और गाजा को लेकर तर्किए ने इजरायल की आलोचना की है.

विज्ञापन

सीरिया को लेकर तुर्किए-इजरायल में विवाद क्यों है?

बता दें कि वर्तमान में इजरायल और तुर्किए के बीच सीरिया को लेकर विवाद चल रहा है. विवाद सीरिया में तुर्की की बढ़ते सैन्य प्रभाव का है. इजरायल का आरोप है कि बॉर्डर के पास सीरिया के एयरबेस पर तुर्किए अपनी सेना तैनात करने की कोशिश कर रहा है. सीरिया की बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद नई सरकार तुर्किए को पूरा समर्थन दे रही है, लेकिन सीरिया में तुर्किए के बढ़ते प्रभाव को इजरायल अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है. तुर्किए को रोकने के लिए इजरायली सेना ने सीरिया के ठिकानों पर हमले किए हैं, जिस वजह से तुर्किए ने क्षेत्रीय तनाव पैदा करने का आरोप इजरायल पर लगाया है.

विज्ञापन

्इरसके अलावा तुर्किए की कोशिश सीरिया में रणनीतिक प्रभुत्व स्थापित करने की भी है, जिसके लिए तुर्की सीरिया के पुनर्निर्माण में और उसकी सैन्य क्षमताओं को मजबूत विकसित करने में मदद कर रहा है, जबकि इजरायल का कहना है कि वह सीरिया से लगती अपनी सीमाओं के पास किसी इस्लामिक या मजबूत सैन्य मौजूदगी को बर्दाश्त नहीं करेगा. तुर्किए, सऊदी अरब और पाकिस्तान के इस्लामिक NATO बनने और इसके तहत किए गए रक्षा समझौतों और क्षेत्रीय गठबंधनों के बाद इजरायल और तुर्किए में तनाव गहराया है. इस वजह से दोनों देश आज जंग के मुहाने पर खड़े हैं और हमले करने की धमकियां दे रहे हैं.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ